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मेडिकल कॉलेज के निर्माण ने पकड़ा जोर, दो शिफ्ट में काम कर रहे साढ़े तीन सौ मजदूर
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सोनभद्र। सदर ब्लाक के रौंप गांव में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का काम जोर पकड़ने लगा है। शिलान्यास के बाद तय समय सीमा में काम पूरा कराने के लिए कार्यदाई संस्था जोरशोर से जुट गई है। दो शिफ्टों में साढ़े तीन सौ मजदूरों को काम में लगाया गया है। अब तक 15 प्रतिशत तक हिस्सा तैयार हो चुका है। जिम्मेदारों का दावा है कि फरवरी 2023 तक मेडिकल कॉलेज को पूरा कर हैंडओवर कर दिया जाएगा।
देश के अति पिछड़े 115 जिलों में शामिल सोनभद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए केेंद्र और प्रदेश सरकार ने जिला अस्पताल लोढ़ी को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज के रूप में तब्दील करने की मंजूरी दी थी। कुल 249.99 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य सरकार ने नामित कार्यदाई संस्था को 18 माह में पूर्ण कर हैंडओवर करने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए शासन की तरफ से 33 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। धन मिलने पर गत वर्ष अगस्त महीने में सदर ब्लॉक के चुर्क रौंप स्थित पुलिस लाइंस के समीप मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन काम की गति बेहद सुस्त थी। पिछले माह 22 दिसंबर को नगर के हाइडिल मैदान पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास के बाद निर्माण में गति आई है। नींव स्तर तक करीब 15 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। कार्यदाई संस्था को इसके लिए चार फरवरी 2023 की डेडलाइन तय की गई है।
500 बेड का होगा मेडिकल कॉलेज
लोढ़ी स्थित जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर 500 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 400 बेड का अस्पताल पहले से बनकर तैयार है। शेष 100 बेड का अस्पताल व छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को सहूलियत होगी।
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पड़ोसी प्रांत के लोग भी होंगे लाभान्वित
जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के अलावा पड़ोसी प्रांत झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के लोग भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ले सकेंगे। साथ ही युवक और युवतियों को मेडिकल की शिक्षा भी मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चार फरवरी 2023 तक पूर्ण करना है। अब तक 15 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। करीब 350 श्रमिक दो शिफ्ट में दिन-रात काम कर रहे हैं। निर्धारित समय तक काम पूरा कर लिया जाएगा। -एमएम त्रिपाठी-जीएम, मेडिकल कॉलेज सोनभद्र।
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देश के अति पिछड़े 115 जिलों में शामिल सोनभद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए केेंद्र और प्रदेश सरकार ने जिला अस्पताल लोढ़ी को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज के रूप में तब्दील करने की मंजूरी दी थी। कुल 249.99 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य सरकार ने नामित कार्यदाई संस्था को 18 माह में पूर्ण कर हैंडओवर करने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए शासन की तरफ से 33 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। धन मिलने पर गत वर्ष अगस्त महीने में सदर ब्लॉक के चुर्क रौंप स्थित पुलिस लाइंस के समीप मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन काम की गति बेहद सुस्त थी। पिछले माह 22 दिसंबर को नगर के हाइडिल मैदान पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास के बाद निर्माण में गति आई है। नींव स्तर तक करीब 15 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। कार्यदाई संस्था को इसके लिए चार फरवरी 2023 की डेडलाइन तय की गई है।
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500 बेड का होगा मेडिकल कॉलेज
लोढ़ी स्थित जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर 500 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 400 बेड का अस्पताल पहले से बनकर तैयार है। शेष 100 बेड का अस्पताल व छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को सहूलियत होगी।
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पड़ोसी प्रांत के लोग भी होंगे लाभान्वित
जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के अलावा पड़ोसी प्रांत झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के लोग भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ले सकेंगे। साथ ही युवक और युवतियों को मेडिकल की शिक्षा भी मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चार फरवरी 2023 तक पूर्ण करना है। अब तक 15 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। करीब 350 श्रमिक दो शिफ्ट में दिन-रात काम कर रहे हैं। निर्धारित समय तक काम पूरा कर लिया जाएगा। -एमएम त्रिपाठी-जीएम, मेडिकल कॉलेज सोनभद्र।