{"_id":"6259a824da56d52ee22cc409","slug":"coal-stock-decreasing-by-10-thousand-mt-daily-in-anpara-sonbhadra-news-vns648501681","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनपरा में रोजाना 10 हजार एमटी कम हो रहा कोयले का स्टॉक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनपरा में रोजाना 10 हजार एमटी कम हो रहा कोयले का स्टॉक
विज्ञापन
Coal stock decreasing by 10 thousand MT daily in Anpara
अनपरा। स्थानीय तापीय परियोजना में रेल रैक से कोल आपूर्ति न हो पाने से दिन प्रतिदिन कोयले का संकट गहराता जा रहा है। रोजाना करीब दस हजार कोयला स्टॉक से लिया जा रहा है। परियोजना की ओर से भी जल्द रेल रैक से आपूर्ति बहाल करने की कार्य योजना बनाई जा रही है।
उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी तापीय परियोजना में कोयला संकट गहराता जा रहा है। 2630 मेवा क्षमता वाली इस परियोजना में लगभग एक माह से रेल रैक के माध्यम से आपूर्ति बंद होने के कारण स्टॉक में बचे कोयले का इस्तेमाल कर पूर्ति की जा रही है। गर्मी के दिनों में इकाइयों के फुल लोड पर होने के कारण करीब 40 हजार एमटी कोयले की खपत रोजाना हो रही है। ऐसे में एमजीआर (मेरी गो राउंड) के माध्यम से परियोजना में 30-32 एमटी ही कोयला पहुंच पा रहा है। आवश्यकतानुसार एनसीएल की ओर से लिंकेज के माध्यम से भी आपूर्ति की जा रही है। इसके बाद भी परियोजना को पूरा कोयला मुहैया नहीं हो पा रहा है। कोयले की कमी के कारण रोजाना 8-10 हजार एमटी कोयला आपात स्थिति भंडार से निकाला जा रहा है।
जल्द नहीं हुई व्यवस्था तो गहरा सकता है संकट
परियोजनाओं में कम से कम 15 दिन के कोयले का स्टॉक होना चाहिए। सोमवार को 3.25 लाख एमटी कोयला परियोजना के पास शेष था। पांच दिनों में 10 हजार एमटी के औसतन 40 हजार एमटी और घटकर शुक्रवार तक 2.75 लाख एमटी लगभग ही कोयला बचा है। परियोजना अधिकारियों की मानें तो जल्द अगर रेल रैक से आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो संकट और भी गहराता ाएगा। परियोजना के सीजीएम सहित संबंधित तमाम अधिकारी जल्द से जल्द रेल रैक आपूर्ति बहाल कराने की कवायद में लगे हैं। परियोजना की ओर से भी बाधा बन रही समस्याओं को दूर करने की कार्य योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन
संकट को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने रेल रैक से आपूर्ति शुरू कराई थी लेकिन एक दिन की ही आपूर्ति के बाद रेल रैक मिलनी बंद हो गई। ऐसी स्थिति में स्टॉक में बचे कोयले से काम चलाया जा रहा है। जल्द आपूर्ति शुरू कराने के लिए निगम प्रबंधन स्तर पर पहल के साथ नई कार्य योजना भी बनाई जा रही है। - इं. आरसी श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक, अनपरा तापीय परियोजना।
विज्ञापन
उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी तापीय परियोजना में कोयला संकट गहराता जा रहा है। 2630 मेवा क्षमता वाली इस परियोजना में लगभग एक माह से रेल रैक के माध्यम से आपूर्ति बंद होने के कारण स्टॉक में बचे कोयले का इस्तेमाल कर पूर्ति की जा रही है। गर्मी के दिनों में इकाइयों के फुल लोड पर होने के कारण करीब 40 हजार एमटी कोयले की खपत रोजाना हो रही है। ऐसे में एमजीआर (मेरी गो राउंड) के माध्यम से परियोजना में 30-32 एमटी ही कोयला पहुंच पा रहा है। आवश्यकतानुसार एनसीएल की ओर से लिंकेज के माध्यम से भी आपूर्ति की जा रही है। इसके बाद भी परियोजना को पूरा कोयला मुहैया नहीं हो पा रहा है। कोयले की कमी के कारण रोजाना 8-10 हजार एमटी कोयला आपात स्थिति भंडार से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
जल्द नहीं हुई व्यवस्था तो गहरा सकता है संकट
परियोजनाओं में कम से कम 15 दिन के कोयले का स्टॉक होना चाहिए। सोमवार को 3.25 लाख एमटी कोयला परियोजना के पास शेष था। पांच दिनों में 10 हजार एमटी के औसतन 40 हजार एमटी और घटकर शुक्रवार तक 2.75 लाख एमटी लगभग ही कोयला बचा है। परियोजना अधिकारियों की मानें तो जल्द अगर रेल रैक से आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो संकट और भी गहराता ाएगा। परियोजना के सीजीएम सहित संबंधित तमाम अधिकारी जल्द से जल्द रेल रैक आपूर्ति बहाल कराने की कवायद में लगे हैं। परियोजना की ओर से भी बाधा बन रही समस्याओं को दूर करने की कार्य योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन
संकट को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने रेल रैक से आपूर्ति शुरू कराई थी लेकिन एक दिन की ही आपूर्ति के बाद रेल रैक मिलनी बंद हो गई। ऐसी स्थिति में स्टॉक में बचे कोयले से काम चलाया जा रहा है। जल्द आपूर्ति शुरू कराने के लिए निगम प्रबंधन स्तर पर पहल के साथ नई कार्य योजना भी बनाई जा रही है। - इं. आरसी श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक, अनपरा तापीय परियोजना।