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3174 करोड़ की लागत से पर्या वरण अनुकूल होगा कोयला प्रेषण

Sun, 07 Aug 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:51 PM IST
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Coal dispatch will be environment friendly at a cost of 3174 crores
ऊर्जांचल के मुहाने पर स्थित कोल खदानों से अधिक कोयला प्रेषण करने के लिए एनसीएल फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने के साथ ही एनसीएल की 55 मिलियन टन प्रेषण क्षमता में वृद्धि होगी और उत्पादन पर्यावरण के अनुकूल रह कर किया जाएगा। इसके लिए परियोजना ने 3174 करोड़ की लागत से कार्य को जोरों-शोरों से शुरू करा दिया है। अब तक परियोजना ने करीब दो हजार करोड़ के कार्य को पूर्ण कर लिया है। शेष बची परियोजना को भी जल्द पूरा कर एनसीएल उत्पादन में वृद्धि करेगी।
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इस परियोजना के तहत एनसीएल नौ एफएमसी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इसमें एनसीएल ने अब तक कराए गए कार्य से कृष्णशीला सीएचपी में चार मिलियन टन, परियोजना ब्लाक बी में रेल कनेक्टीवीटी से 3.5 मिलियन टन सहित कुछ अन्य परियोजनाओं के कार्यों को भी पूर्ण कर लिया है। अब जयंत परियोजना के लिए सीएचपी के निर्माण से करीब 15 मिलियन टन प्रेषण को बढ़ावा देगी। इसके अलावा बीना और ककरी परियोजना में सीलो निर्माण से 9.5 मिलियन टन अधिक प्रेषण, निगाही परियोजना में सीलो और सीएचपी निर्माण से 10 मिलियन टन, अमलोरी और दुद्धीचुआ में रैपिड लोडिंग सिस्टम से 10 मिलियन टन, दुद्धीचुआ सीएचपी निर्माण से 10 मिलियन टन और ब्लॉक बी सीएचपी से 4.5 मिलियन टन की सालाना बढ़त होगी। अब तक करीब दो हजार करोड़ की परियोजना का कार्य पूर्ण हो जाने से परियोजनाओं से प्रेषण में बढ़त दर्ज की जा रही है। सभी परियोजनाओं के पूर्ण होते ही पर्यावरण अनुकूल प्रेषण में काफी तेजी मिलेगी और एनसीएल रिकार्ड उत्पादन करने में सफल हो सकेगी।
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परियोजनाओं में 3174 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। जहां कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां मंशानुरूप अधिक प्रेषण होना भी प्रारंभ हो गया है। जल्द ही परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 55 मिलियन टन अधिक कोल प्रेषण होगा और पर्यावरण की भी क्षति कम होगी।- रामविजय सिंह, जन सूचना अधिकारी, एनसीएल।
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