{"_id":"57e56b294f1c1b3176a82275","slug":"coal-crisis-in-power-projects","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली परियोजनाओं में कोयला संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली परियोजनाओं में कोयला संकट
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
शक्तिनगर में पुतला दहन करते सीटू के कार्यकर्ता।
विज्ञापन
केंद्रीय और राज्य सेक्टर की बिजली परियोजनाओं में कोयला संकट की प्रमुख वजह कोल कंपनियों में पर्याप्त रैक की लोडिंग न हो पाना है। यह बात खुद पूर्व मध्य रेलवे प्रबंधन ने स्वीकार की है। रेलवे का दावा है कि हर माह तय लक्ष्य के मुकाबले 50 रैक कम कोयला लोड दिया जा रहा है। इससे बिजली परियोजनाओं को होने वाली कोयला आपूर्ति में लगभग 11 फीसदी तक की कमी आई है। इससे लगातार कोयला संकट गहराता जा रहा है।
पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अरविंद कुमार रजक भी इस बात को स्वीकार करते हैं। बताया गया कि पर्याप्त लदान न होने से हर माह पूर्व मध्य रेल के 50 रैक जाया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में अब तक (अप्रैल से अगस्त, 2016 तक) कुल 40.70 मीलियन टन कोयले का लदान किया गया जो पिछले वित्त वर्ष के अगस्त माह तक किये गये कोयला लदान 41.68 मीलियन टन से 2.35 प्रतिशत कम है।
जबकि इस अवधि के लिए निर्धारित लक्ष्य 45.61 मीलियन टन से यह लदान 10.77 प्रतिशत कम है। इसके चलते राज्य सेक्टर के सबसे बिजलीघर अनपरा, एनटीपीसी का रिहंद, सिंगरौली, देश का सबसे बड़ा बिजलीघर विंध्याचल, मुजफ्फरपुर विद्युतगृह में जबरदस्त कोयला संकट की स्थिति बनी हुई है। रजक की मानें तो प्रमुख कोल कंपनियों में बारिश के चलते कोयले का कम उत्पादन होने के कारण, उनका भी स्टाक घटा है। इससे रैक लोड करने में काफी समय लिया जा रहा है। इसके चलते एनसीएल में जो रैक 5 घंटा 42 मिनट में लोड होती थी, वह अब छह घंटा 39 मिनट में लोड हो रही है। इसी तरह बीसीसीएल, ईसीएल में भी कोयला लोड का समय बढ़ गया है।
पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अरविंद कुमार रजक भी इस बात को स्वीकार करते हैं। बताया गया कि पर्याप्त लदान न होने से हर माह पूर्व मध्य रेल के 50 रैक जाया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में अब तक (अप्रैल से अगस्त, 2016 तक) कुल 40.70 मीलियन टन कोयले का लदान किया गया जो पिछले वित्त वर्ष के अगस्त माह तक किये गये कोयला लदान 41.68 मीलियन टन से 2.35 प्रतिशत कम है।
विज्ञापन
जबकि इस अवधि के लिए निर्धारित लक्ष्य 45.61 मीलियन टन से यह लदान 10.77 प्रतिशत कम है। इसके चलते राज्य सेक्टर के सबसे बिजलीघर अनपरा, एनटीपीसी का रिहंद, सिंगरौली, देश का सबसे बड़ा बिजलीघर विंध्याचल, मुजफ्फरपुर विद्युतगृह में जबरदस्त कोयला संकट की स्थिति बनी हुई है। रजक की मानें तो प्रमुख कोल कंपनियों में बारिश के चलते कोयले का कम उत्पादन होने के कारण, उनका भी स्टाक घटा है। इससे रैक लोड करने में काफी समय लिया जा रहा है। इसके चलते एनसीएल में जो रैक 5 घंटा 42 मिनट में लोड होती थी, वह अब छह घंटा 39 मिनट में लोड हो रही है। इसी तरह बीसीसीएल, ईसीएल में भी कोयला लोड का समय बढ़ गया है।
विज्ञापन