कोयले का संकट: अनपरा परियोजना में रोज 10 हजार टन कम हो रहा स्टॉक, सीएम के हस्तक्षेप के बाद ही सुधार की संभावना
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री की ओर से पूर्व में ही समस्या को लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री से बात की जा चुकी है। बावजूद अभी तक नतीजा सिफर है।
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एनसीएल से कोयले की आपूर्ति में सुधार न होने से सोनभद्र जिले की अनपरा परियोजना में कोयला संकट गहराता जा रहा है। उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना में कोयले का स्टॉक प्रतिदिन 10 हजार टन कम हो रहा है। अनपरा ए की इकाइयां लगातार कम लोड पर संचालित हो रही हैं।
भुगतान की समस्या को लेकर अनपरा परियोजना को रेल रैक से कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। परियोजना की सभी इकाइयां लोड पर हैं। इससे कोयले की खपत लगातार बनी हुई है। समुचित आपूर्ति न होने का प्रभाव परियोजना के कोल स्टॉक पर पड़ रहा है। रविवार सुबह तक परियोजना में 1 लाख 40 हजार टन कोयले का स्टॉक था।
एक्सईएन अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह यह कम होकर 1 लाख 20 हजार टन पहुंच गया है। अगर कोयले की आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में तत्काल पहल नहीं की गई तो स्थिति और भी खराब हो जाएगी। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री की ओर से पूर्व में ही समस्या को लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री से बात की जा चुकी है। बावजूद अभी तक नतीजा सिफर है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब सीएम के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति में सुधार आएगा।
दिल्ली की बैठक से उम्मीद
विद्युत कंपनियों को कोयले की आपूर्ति का निर्धारण करने वाली कोयला, बिजली व रेल मंत्रालय सहित केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की संयुक्त टीम की मंगलवार शाम को नई दिल्ली में बैठक होनी है। इसमें बिजली घरों में व्याप्त कोयले के संकट पर गहन मंथन किया जाएगा। बैठक में देश के प्रमुख विद्युत उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधि भी वीसी के माध्यम से भाग लेंगे। बैठक में समस्या के निवारण की उम्मीद जताई जा रही है।