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मंदिर में होने वाला था बाल विवाह, टीम ने रोका
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घोरावल ब्लॉक के शिवद्वार मंदिर पर 13 जून को बाल विवाह होने की सूचना चाइल्डलाइन 1098 पर मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने रविवार को ही मौके पर पहुंचकर शादी रुकवा दी। उम्र संबंधित साक्ष्य घरवालों ने प्रस्तुत किया, जिसके हिसाब से लड़के और लड़की दोनों की ही उम्र महज 16 साल थी।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टंडन ने बताया कि चाइल्डलाइन 1098 से जानकारी मिली कि शाहगंज के शिवद्वार मंदिर में 13 जून को नाबालिग लड़के और लड़की की शादी होने वाली है। तत्काल जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा, जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र से संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक, आउटरिच कार्यकर्ता शेषमणि दुबे की टीम गठित करते हुए मौके पर भेजा। टीम शाहगंज थाने से समन्वय स्थापित कर विवाह स्थान पर पहुंची। वहां शादी की तैयारी चल रही थी। टीम ने बालिका के माता-पिता से लड़की उम्र का साक्ष्य मांगा। उम्र के संबंध में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर बालक व बालिका दोनों की उम्र 16 साल थी। टीम ने नाबालिग बालक व बालिका को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए ले गई।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टंडन ने बताया कि चाइल्डलाइन 1098 से जानकारी मिली कि शाहगंज के शिवद्वार मंदिर में 13 जून को नाबालिग लड़के और लड़की की शादी होने वाली है। तत्काल जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा, जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र से संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक, आउटरिच कार्यकर्ता शेषमणि दुबे की टीम गठित करते हुए मौके पर भेजा। टीम शाहगंज थाने से समन्वय स्थापित कर विवाह स्थान पर पहुंची। वहां शादी की तैयारी चल रही थी। टीम ने बालिका के माता-पिता से लड़की उम्र का साक्ष्य मांगा। उम्र के संबंध में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर बालक व बालिका दोनों की उम्र 16 साल थी। टीम ने नाबालिग बालक व बालिका को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए ले गई।
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