{"_id":"d8c24b9824755d3eb00619bd9f8153ea","slug":"chaos-prevailed-in-the-test-was-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा में अव्यवस्था रही हावी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा में अव्यवस्था रही हावी
अमर उजाला ब्यूरो सोनभद्र
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिक्षेत्र में हुई बोर्ड परीक्षा में अव्यवस्था हावी रही। यहां स्थित इंटर कालेजों में जहां तमाम विद्यार्थियों ने टाट-पट्टी पर बैठकर परीक्षा दी। वहीं अंबेडकर इंटर कालेज रजमिलान स्थित परीक्षा केंद्र पर प्रकाश यादव नामक विद्यार्थी दूसरे केंद्र की जगह यहीं परीक्षा देता पाया गया।
दो घंटे बाद प्रश्नपत्र की जांच में एक पेपर कम पाया गया, इसकी जांच की गई तो पता चला कि उसे गुरुकुल इंटर कालेज सेवकाडांड़ में परीक्षा देनी थी। इसके बाद परीक्षार्थी को बाहर कर दिया गया। प्रकाश का कहना था कि उसे किसी ने भी नहीं बताया कि उसका सेंटर यहां नहीं पड़ा है। उसे समझ में आया कि उसका परीक्षा सेंटर यहीं है तो वह यहीं की परीक्षा में शामिल हो गया। केंद्राध्यक्ष कृपाशंकर का कहना था कि रोल नंबर मिलान करने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। ऐसे में प्रकाश ने कैसे दो घंटे तक परीक्षा दे ली, इस सवाल पर कन्नी काट गए। इसी विद्यालय के छात्र उदयचंद्र ने बताया कि उसने फीस, परीक्षा शुल्क सारी चीजें समय से जमा की थी।
बावजूद प्रवेश पत्र नहीं दिया गया, इससे वह परीक्षा देने नहीं जा पाया। उसके पिता रामसागर ने बीजपुर थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी। एसओ अंजनी मिश्रा के मुताबिक प्रधानाचार्य को बुलाया गया है। इस विद्यालय के विद्यार्थी स्वतंत्र कुमार और पूनम ने भी विद्यालय प्रबंधन पर शुल्क जमा होने के बावजूद प्रवेश पत्र न दिए जाने का आरोप लगाया। प्रबंधक मार्तंड देव पांडेय का कहना था कि दोनों ने फोटो समय से जमा नहीं किए, इसलिए प्रवेश पत्र नहीं दिया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो घंटे बाद प्रश्नपत्र की जांच में एक पेपर कम पाया गया, इसकी जांच की गई तो पता चला कि उसे गुरुकुल इंटर कालेज सेवकाडांड़ में परीक्षा देनी थी। इसके बाद परीक्षार्थी को बाहर कर दिया गया। प्रकाश का कहना था कि उसे किसी ने भी नहीं बताया कि उसका सेंटर यहां नहीं पड़ा है। उसे समझ में आया कि उसका परीक्षा सेंटर यहीं है तो वह यहीं की परीक्षा में शामिल हो गया। केंद्राध्यक्ष कृपाशंकर का कहना था कि रोल नंबर मिलान करने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। ऐसे में प्रकाश ने कैसे दो घंटे तक परीक्षा दे ली, इस सवाल पर कन्नी काट गए। इसी विद्यालय के छात्र उदयचंद्र ने बताया कि उसने फीस, परीक्षा शुल्क सारी चीजें समय से जमा की थी।
विज्ञापन
बावजूद प्रवेश पत्र नहीं दिया गया, इससे वह परीक्षा देने नहीं जा पाया। उसके पिता रामसागर ने बीजपुर थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी। एसओ अंजनी मिश्रा के मुताबिक प्रधानाचार्य को बुलाया गया है। इस विद्यालय के विद्यार्थी स्वतंत्र कुमार और पूनम ने भी विद्यालय प्रबंधन पर शुल्क जमा होने के बावजूद प्रवेश पत्र न दिए जाने का आरोप लगाया। प्रबंधक मार्तंड देव पांडेय का कहना था कि दोनों ने फोटो समय से जमा नहीं किए, इसलिए प्रवेश पत्र नहीं दिया जा सका।
विज्ञापन