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सीबीआई ने जांचा खनन का रिकार्ड
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Wed, 07 Jan 2015 11:40 PM IST
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मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम बुधवार को जिले में फिर धमकी। सीबीआई के डिप्टी एसपी आरआर त्रिपाठी और इंस्पेक्टर आलोक शाही यहां आए।
श्री त्रिपाठी घोरावल ब्लाक में जांच करने पहुंचे जबकि शाही ने खनन विभाग का रिकार्ड लिया और बैंक अफसरों व सेक्रेटरियों से पूछताछ की।
करीब तीन सौ करोड़ के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई जांच में विभिन्न पहलुओं को शामिल कर रही है। अब तक ठेकेदारों, सप्लायरों और सेक्रेटरियों के साथ अन्य अधिकारियों से पूछताछ करने वाली सीबीआई ने बुधवार को बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की। इंस्पेक्टर आलोक शाही ने कुछ बैंक के अधिकारियों को चुर्क गेस्ट हाउस में बुलाया और उनसे कई अहम मुद्दों पर जानकारी ली।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने बैंक अधिकारियों से लेनदेन और चालान संबंधी ब्योरा मांगा है। इसके बाद शाही ने कई ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को भी बुलाकर पूछताछ की है।
शाही ने खान विभाग से वर्ष 2007 से 2010 तक के पट्टाधारकों की सूची तलब की है, जिससे खनन कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई है। दोपहर करीब दो बजे सर्वेयर रामनाथ यादव पट्टाधारकों की सूची लेकर सीबीआई के सामने पेश हुए। यहां सीबीआई ने सर्वेयर से पट्टाधारकों के बारे में गहनता से पूछताछ की।
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संभावना है कि जल्द सीबीआई पट्टाधारकोें को भी तलब कर उनसे मनरेगा के निर्माण कार्य के लिए गिट्टी, बालू के हुए उपयोग की जानकारी लेगी। सीबीआई के हाथ खुद की सूची उपलब्ध होने की खबर मिलते ही पट्टाधारकों की नींद उड़ गई है।
उधर डिप्टी एसपी आरआर त्रिपाठी ने घोरावल ब्लाक पहुंचकर विकास कार्यों और अन्य लेनदेन संबंधी विषयों की जानकारी ली।
उन्होंने वहां पूर्व के रिकार्डों के बारे में पूछा। मनरेगा प्रभारी और बीडीओ राबर्ट्सगंज हरिश्चंद्र प्रजापति का कहना है कि सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे वाहन मांगा था जो उन्होंने उपलब्ध करा दिया है।
सीबीआई अधिकारी पूछताछ के लिए लोगों को खुद बुला रहे हैं। बता दें कि जिले मेें बसपा शासन काल में मनरेगा में करीब तीन सौ करोड़ रुपये का घोटाला निर्माण कार्य के नाम पर किया गया।
हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश पर सीबीआई इस घोटाले की जांच कर रही है। इसके पूर्व भी जिले में कई बार सीबीआई की टीम आकर सेक्रेटरी, प्रधानों समेत अन्य से पूछताछ कर सबूत इकट्ठा कर चुकी है।
पिछली बार 18 दिसंबर को आयी सीबीआई टीम ने सदर ब्लाक के पूर्व प्रमुख से पूछताछ की थी।
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श्री त्रिपाठी घोरावल ब्लाक में जांच करने पहुंचे जबकि शाही ने खनन विभाग का रिकार्ड लिया और बैंक अफसरों व सेक्रेटरियों से पूछताछ की।
करीब तीन सौ करोड़ के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई जांच में विभिन्न पहलुओं को शामिल कर रही है। अब तक ठेकेदारों, सप्लायरों और सेक्रेटरियों के साथ अन्य अधिकारियों से पूछताछ करने वाली सीबीआई ने बुधवार को बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की। इंस्पेक्टर आलोक शाही ने कुछ बैंक के अधिकारियों को चुर्क गेस्ट हाउस में बुलाया और उनसे कई अहम मुद्दों पर जानकारी ली।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने बैंक अधिकारियों से लेनदेन और चालान संबंधी ब्योरा मांगा है। इसके बाद शाही ने कई ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को भी बुलाकर पूछताछ की है।
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शाही ने खान विभाग से वर्ष 2007 से 2010 तक के पट्टाधारकों की सूची तलब की है, जिससे खनन कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई है। दोपहर करीब दो बजे सर्वेयर रामनाथ यादव पट्टाधारकों की सूची लेकर सीबीआई के सामने पेश हुए। यहां सीबीआई ने सर्वेयर से पट्टाधारकों के बारे में गहनता से पूछताछ की।
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संभावना है कि जल्द सीबीआई पट्टाधारकोें को भी तलब कर उनसे मनरेगा के निर्माण कार्य के लिए गिट्टी, बालू के हुए उपयोग की जानकारी लेगी। सीबीआई के हाथ खुद की सूची उपलब्ध होने की खबर मिलते ही पट्टाधारकों की नींद उड़ गई है।
उधर डिप्टी एसपी आरआर त्रिपाठी ने घोरावल ब्लाक पहुंचकर विकास कार्यों और अन्य लेनदेन संबंधी विषयों की जानकारी ली।
उन्होंने वहां पूर्व के रिकार्डों के बारे में पूछा। मनरेगा प्रभारी और बीडीओ राबर्ट्सगंज हरिश्चंद्र प्रजापति का कहना है कि सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे वाहन मांगा था जो उन्होंने उपलब्ध करा दिया है।
सीबीआई अधिकारी पूछताछ के लिए लोगों को खुद बुला रहे हैं। बता दें कि जिले मेें बसपा शासन काल में मनरेगा में करीब तीन सौ करोड़ रुपये का घोटाला निर्माण कार्य के नाम पर किया गया।
हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश पर सीबीआई इस घोटाले की जांच कर रही है। इसके पूर्व भी जिले में कई बार सीबीआई की टीम आकर सेक्रेटरी, प्रधानों समेत अन्य से पूछताछ कर सबूत इकट्ठा कर चुकी है।
पिछली बार 18 दिसंबर को आयी सीबीआई टीम ने सदर ब्लाक के पूर्व प्रमुख से पूछताछ की थी।