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Sonebhadra News: फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक और एजेंंट समेत पांच पर केस
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सोनभद्र। चोपन पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर एक वाहन फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक, तीन एजेंट समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों पर धोखे में रखकर ट्रक हड़पने और उसे बेचने का आरोप है।
कोन थाना क्षेत्र के नौडिहा रामगढ़ निवासी अजय कुमार ने चोपन थाने में तहरीर देकर बताया कि उसे 2018 में एक फाइनेंस कंपनी से ट्रक खरीदने के लिए लोन लिया था। उससे कोरे कागज और स्टैंप पेपर पर हस्ताक्ष बनवाया गया था। वाहन के 29.14 लाख रुपये फाइनेंस कंपनी से किया गया था। उसने किस्त जमा करते हुए 22 लाख 99 हजार जमा कर दिए।
जब शेष 6.15 लाख रुपये बचे तो लॉकडाउन लग गया। इस दौरान भी फाइनेंस कंपनी के एजेंट सौरभ सिंह, शैलेंद्र सिंह और सतीश सिंह को भुगतान करता रहा। रसीद मांगने पर वे कहते थे कि इस समय लॉकडाउन है। सभी स्टाफ का ऑफिस में आना जाना बंद है। आपको सभी रसीद बाद में दी जाएगी।
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पीड़ित ने बताया कि तीनों एजेंट को उसने 3.40 लाख रुपये दे दिये। मंडल कार्यालय शिकायत करने पर चोपन ब्रांच मैनेजर ने आश्वासन दिया लेकिन फिर मुकर गया। बिना नोटिस दिए ट्रक को खड़ा करा लिया गया। बाद में जानकारी हुई कि ट्रक को 9.92 लाख में बेच दिया गया है।
जानकारी होने पर नागपुर (महाराष्ट्र) के जिस व्यक्ति को ट्रक बेचा गया था। शिकायत पर एआरटीओ कार्यालय ने वाहन के नामांतरण को रोक दिया। थाने और एसपी के यहां प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने अदालत की शरण ली। सीजीएम कोर्ट के निर्देश पर चोपन पुलिस ने फाइनेंस कंपनी की शाखा चोपन के ब्रांच मैनेजर रोहित पाण्डेय, एजेंट सौरभ सिंह, एजेंट शैलेंद्र सिंह, सतीश सिंह व अभय पाण्डेय के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज किया।
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कोन थाना क्षेत्र के नौडिहा रामगढ़ निवासी अजय कुमार ने चोपन थाने में तहरीर देकर बताया कि उसे 2018 में एक फाइनेंस कंपनी से ट्रक खरीदने के लिए लोन लिया था। उससे कोरे कागज और स्टैंप पेपर पर हस्ताक्ष बनवाया गया था। वाहन के 29.14 लाख रुपये फाइनेंस कंपनी से किया गया था। उसने किस्त जमा करते हुए 22 लाख 99 हजार जमा कर दिए।
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जब शेष 6.15 लाख रुपये बचे तो लॉकडाउन लग गया। इस दौरान भी फाइनेंस कंपनी के एजेंट सौरभ सिंह, शैलेंद्र सिंह और सतीश सिंह को भुगतान करता रहा। रसीद मांगने पर वे कहते थे कि इस समय लॉकडाउन है। सभी स्टाफ का ऑफिस में आना जाना बंद है। आपको सभी रसीद बाद में दी जाएगी।
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पीड़ित ने बताया कि तीनों एजेंट को उसने 3.40 लाख रुपये दे दिये। मंडल कार्यालय शिकायत करने पर चोपन ब्रांच मैनेजर ने आश्वासन दिया लेकिन फिर मुकर गया। बिना नोटिस दिए ट्रक को खड़ा करा लिया गया। बाद में जानकारी हुई कि ट्रक को 9.92 लाख में बेच दिया गया है।
जानकारी होने पर नागपुर (महाराष्ट्र) के जिस व्यक्ति को ट्रक बेचा गया था। शिकायत पर एआरटीओ कार्यालय ने वाहन के नामांतरण को रोक दिया। थाने और एसपी के यहां प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने अदालत की शरण ली। सीजीएम कोर्ट के निर्देश पर चोपन पुलिस ने फाइनेंस कंपनी की शाखा चोपन के ब्रांच मैनेजर रोहित पाण्डेय, एजेंट सौरभ सिंह, एजेंट शैलेंद्र सिंह, सतीश सिंह व अभय पाण्डेय के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज किया।