नक्सल प्रभावित क्षेत्र का मामला: मनचाही पार्टी को वोट नहीं दिया तो तोड़ दिया पोल, छह माह से अंधेरे में लोग
सोनभद्र जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव में एक दल को गांव से कम वोट मिले तो द्वेषवश उस पक्ष से जुड़े अराजक तत्वों ने पोल तोड़ दिए।
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सोनभद्र जिले के नक्सल प्रभावित गांव सोमा के ग्रामीण पिछले छह माह से अंधेरे में रहने को विवश हैं। गांव में लगे कई बिजली के खंभे टूटकर गिर गए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद से गांव में बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव में एक दल को गांव से कम वोट मिले तो द्वेषवश उस पक्ष से जुड़े अराजक तत्वों ने पोल तोड़ दिए।
विद्युत उपकेंद्र रामपुर से नक्सल गांव सोमा सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। सोमा गांव में पिछले छह महीनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। बताया जा रहा है कि मार्च में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद गांव में एक पार्टी को अधिक वोट मिले थे। इससे खफा होकर दूसरे पार्टी के लोगों ने गांव में जाने वाले 11 हजार लाइन के खंभे को तोड़कर गिरा दिया गया है।
अब तक कोई कार्रवाई नहीं
इससे सोमा गांव में पिछले छह महीने से बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। बिजली विभाग ने न तो अब तक खंभा तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की और ना ही टूटे खंभे की जगह दूसरा खंभा लगाने की जहमत उठाई। गांव के रामदुलारे की मानें तो बीते 15 मार्च से आज तक गांव में बिजली नहीं आई। बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
वहीं रामजतन का कहना है कि गांव में एक पार्टी को अधिक वोट मिल जाने के कारण गांव में आने वाला 11 हजार लाइन के खंभे को कुछ अराजक तत्वों ने तोड़ दिया है। ताज्जुब इस बात की है कि जानकारी के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।