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बिना अनुमति तहसील में धरना देने पर नौ के खिलाफ मुकदमा
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घोरावल। तहसील परिसर में बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने व जुलूस निकालने के आरोप में शनिवार देर रात कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एसडीएम प्रकाशचंद्र के निर्देश पर नायब नाजिर के दी गई तहरीर पर की गई।
जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व सम्यक मूल मोर्चा और उसके सहयोगी संगठन मोटस्पा, आइसबेस, डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ और मैत्रेयी प्रगति मंच द्वारा जुलूस निकाल तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया था और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की थी। यह सब कार्यक्रम धारा 144 लागू होने के बावजूद किया गया और इसकी अनुमति भी प्रशासन से नही ली गई थी। धरना-प्रदर्शन के दौरान इन लोगों द्वारा भड़काऊ भाषण भी दिया गया था और नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध के नारे भी लगाए गए। नायब नाजिर राजेंद्र प्रसाद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि 14 फरवरी को दिन में करीब एक बजे सम्यक मूल मोर्चा और अन्य संगठनों के करीब 300 लोग बगैर अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने के लिए घोरावल तहसील परिसर में पहुंचे थे। इन लोगों के साथ प्रचार वाहन और लाउडस्पीकर भी था। तहसील परिसर में इन लोगों ने तेज ध्वनि में लाउडस्पीकर चालू कर दिया और असंसदीय और उत्तेजक भाषण देने लगे, जबकि पूरे जिले में शांति व्यवस्था के मद्देनजर धारा 144 लागू है। इस संबंध में नायब नाजिर राजेंद्र प्रसाद की तहरीर पर संगठन के महासचिव पवन कुशवाहा, राष्ट्रीय प्रचारक सुनील शर्मा, संयोजक अशोकानंद धम्मजी, राकेश कुमार मौर्य, सुरेश मौर्या, सुमंत कुमार मौर्या, विजेंद्र कुमार, अशोक तथा आरटी पटेल के खिलाफ स्थानीय कोतवाली में शनिवार को विभिन्न धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व सम्यक मूल मोर्चा और उसके सहयोगी संगठन मोटस्पा, आइसबेस, डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ और मैत्रेयी प्रगति मंच द्वारा जुलूस निकाल तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया था और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की थी। यह सब कार्यक्रम धारा 144 लागू होने के बावजूद किया गया और इसकी अनुमति भी प्रशासन से नही ली गई थी। धरना-प्रदर्शन के दौरान इन लोगों द्वारा भड़काऊ भाषण भी दिया गया था और नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध के नारे भी लगाए गए। नायब नाजिर राजेंद्र प्रसाद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि 14 फरवरी को दिन में करीब एक बजे सम्यक मूल मोर्चा और अन्य संगठनों के करीब 300 लोग बगैर अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने के लिए घोरावल तहसील परिसर में पहुंचे थे। इन लोगों के साथ प्रचार वाहन और लाउडस्पीकर भी था। तहसील परिसर में इन लोगों ने तेज ध्वनि में लाउडस्पीकर चालू कर दिया और असंसदीय और उत्तेजक भाषण देने लगे, जबकि पूरे जिले में शांति व्यवस्था के मद्देनजर धारा 144 लागू है। इस संबंध में नायब नाजिर राजेंद्र प्रसाद की तहरीर पर संगठन के महासचिव पवन कुशवाहा, राष्ट्रीय प्रचारक सुनील शर्मा, संयोजक अशोकानंद धम्मजी, राकेश कुमार मौर्य, सुरेश मौर्या, सुमंत कुमार मौर्या, विजेंद्र कुमार, अशोक तथा आरटी पटेल के खिलाफ स्थानीय कोतवाली में शनिवार को विभिन्न धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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