{"_id":"614b6cd38ebc3efb615bbdbd","slug":"caravan-of-movement-of-je-organization-increased-sonbhadra-news-vns613136621","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ा जेई संगठन के आंदोलन का कारवां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ा जेई संगठन के आंदोलन का कारवां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र में 18 सूत्री मांगों को लेकर जेई संगठन द्वारा किए जा रहे आंदोलन का कारवां निरंतर बढ़ रहा है। आंदोलन के चौथे चरण में आयोजित सामूहिक उपवास कार्यक्रम के दूसरे दिन 46 अवर अभियंता अनशन पर बैठे।
बुधवार सुबह नियत समय पर पदाधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम पहले दिन उपवास पर बैठे 31 अभियंताओं को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। उसके बाद दूसरे दिन अनशन पर बैठने वाले 46 अभियंताओं का माल्यार्पण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान प्रबंधन के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई।
अनपरा परियोजना के मुख्य द्वारा पर आयोजित आम सभा को संबोधित करते हुए केके पांडेय, सीपी चौरसिया, भूपेंद्र पाल सिंह, शैलेश कुमार, सचिन राज, गुलाब शंकर सिंह आदि पदाधिकारियों ने जेई संगठन की मांग को लेकर प्रबंधन पर हठधर्मिता अपनाने का आरोप लगाया। मीडिया प्रभारी सुरेश सिंह ने बताया कि सामान्य पाली के सदस्यों पर नजर रखने के लिए चार भ्रमण टोलियों का गठन किया गया है। टीम के सदस्य प्रत्येक खंडों में जाकर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मिल रहे भारी समर्थन से प्रबंधन सकते में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार सुबह नियत समय पर पदाधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम पहले दिन उपवास पर बैठे 31 अभियंताओं को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। उसके बाद दूसरे दिन अनशन पर बैठने वाले 46 अभियंताओं का माल्यार्पण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान प्रबंधन के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई।
विज्ञापन
अनपरा परियोजना के मुख्य द्वारा पर आयोजित आम सभा को संबोधित करते हुए केके पांडेय, सीपी चौरसिया, भूपेंद्र पाल सिंह, शैलेश कुमार, सचिन राज, गुलाब शंकर सिंह आदि पदाधिकारियों ने जेई संगठन की मांग को लेकर प्रबंधन पर हठधर्मिता अपनाने का आरोप लगाया। मीडिया प्रभारी सुरेश सिंह ने बताया कि सामान्य पाली के सदस्यों पर नजर रखने के लिए चार भ्रमण टोलियों का गठन किया गया है। टीम के सदस्य प्रत्येक खंडों में जाकर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मिल रहे भारी समर्थन से प्रबंधन सकते में है।
विज्ञापन