{"_id":"61eaf3445cb2e901625347be","slug":"candidates-will-have-to-pay-government-dues-sonbhadra-news-vns6348116114","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्मीदवारों को चुकाना होगा सरकारी बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्मीदवारों को चुकाना होगा सरकारी बकाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। प्रमुख दलों ने प्रत्याशियों के नाम का एलान नहीं किया है। फिर भी टिकट के सभी दावेदार अपनी अर्हता के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं। आयोग के नए निर्देश के तहत इस बार विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए सरकारी विभागों से एनओसी लेनी जरुरी होगी। सरकारी बकाएदार चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों के लिए निर्वाचन आयोग ने सरकारी विभागों से एनओसी प्राप्त करने का पेंच अटका दिया है। बिजली, पानी, मकान किराया के अलावा नगर निगम नगर पंचायत से किसी भी बकाए न होने की एनओसी प्राप्त करनी होगी। जिले में अंतिम चरण में चुनाव होने के कारण और अब तक टिकट की घोषणा नहीं होने से अब तक किसी भी विभाग में एनओसी के लिए कोई आवेदन नहीं आए हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तों जिले में टिकट मिलने के बाद नाम अनाउंस होते ही सभी प्रत्याशी अपना पूरा बकाया जमा करने पहुंचेंगे। उससे पहले यहां विभागों के बकाए के बारे में कोई नहीं सोचता। पूर्व की व्यवस्था के एवज में निर्वाचन आयोग की इस व्यवस्था को सभी ठीक बता रहे है। जिससे चुनाव होने और लड़ने से पूर्व विभागों के काफी बकाए वापस आ जाते हैं।
एनओसी की अनिवार्यता है, लेकिन जिले में चुनाव आखिरी चरण में होने के कारण किसी भी प्रत्याशी की ओर से इस दिशा में प्रयास नहीं किया जा रहा है। टिकट मिलते ही सभी कार्यालयों पर पहुंच कर अपने बकाए जमा करेंगे व एनओसी प्राप्त कर लेंगे। -जगरूप सिंह पटेल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों के लिए निर्वाचन आयोग ने सरकारी विभागों से एनओसी प्राप्त करने का पेंच अटका दिया है। बिजली, पानी, मकान किराया के अलावा नगर निगम नगर पंचायत से किसी भी बकाए न होने की एनओसी प्राप्त करनी होगी। जिले में अंतिम चरण में चुनाव होने के कारण और अब तक टिकट की घोषणा नहीं होने से अब तक किसी भी विभाग में एनओसी के लिए कोई आवेदन नहीं आए हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तों जिले में टिकट मिलने के बाद नाम अनाउंस होते ही सभी प्रत्याशी अपना पूरा बकाया जमा करने पहुंचेंगे। उससे पहले यहां विभागों के बकाए के बारे में कोई नहीं सोचता। पूर्व की व्यवस्था के एवज में निर्वाचन आयोग की इस व्यवस्था को सभी ठीक बता रहे है। जिससे चुनाव होने और लड़ने से पूर्व विभागों के काफी बकाए वापस आ जाते हैं।
विज्ञापन
एनओसी की अनिवार्यता है, लेकिन जिले में चुनाव आखिरी चरण में होने के कारण किसी भी प्रत्याशी की ओर से इस दिशा में प्रयास नहीं किया जा रहा है। टिकट मिलते ही सभी कार्यालयों पर पहुंच कर अपने बकाए जमा करेंगे व एनओसी प्राप्त कर लेंगे। -जगरूप सिंह पटेल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।
विज्ञापन