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पति की लंबी उम्र के लिए रखा निराजल व्रत
sonbhadra
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:07 PM IST
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राबर्ट्सगंज के वीरेश्वर महादेव मंदिर में हरितालिका तीज पर पूजन अर्चन करती महिलाएं।
- फोटो : sonbhadra
अनपरा। ऊर्जांचल में बुधवार को पति की दीघार्यु का पर्व हरितालिका तीज सुहागिन महिलाओं द्वारा निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से गौरी-शंकर का पूजन-अर्चन कर किया गया। सुहागिन महिलाओं ने सुबह स्नान ध्यान कर व्रत का प्रारंभ किया तथा अपने-अपने पतियों की लंबी आयु की कामना की।
राम जानकी मंदिर अनपरा गांव के पुजारी रमा पंडित ने व्रती महिलाओं को शाम को पूजन अर्चन कराया। बताया कि हरितालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते है। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है। इस दिन कुंवारी युवतियां व सौभाग्यवती महिलाएं गौरी-शंकर की पूजा करती हैं।
उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिव जी ने माता-पार्वती को इस व्रत के बारे में विस्तार से समझाया था। मां गौरा ने माता पार्वती के रूप मे हिमालय के घर में जन्म लिया था। बचपन से ही माता पार्वती भगवान शिव को वर के रूप में पाना चाहती थी और उसके लिए उन्होंने कठोर तप किया। उनके कठोर तप से भगवान शिव प्रसन्न हुए तथा माता पार्वती को उन्होंने उनकी मनोकामना पूर्ण होने का वरदान दिया।
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शाम होते ही अनपरा गांव राम जानकी मंदिर, शिव मंदिर अनपरा कालोनी, ककरी शिव मंदिर, बीना शिव मंदिर, डिबुलगंज शिव मंदिर, खड़िया, गरबंधा, औड़ी, काशी मोड़ आदि स्थानों पर शिव मंदिरों में शाम को महिलाओं ने भगवान शिव व पार्वती का दर्शन-पूजन कर अपने-अपने पति की लंबी आयु की कामना की।
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राम जानकी मंदिर अनपरा गांव के पुजारी रमा पंडित ने व्रती महिलाओं को शाम को पूजन अर्चन कराया। बताया कि हरितालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते है। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है। इस दिन कुंवारी युवतियां व सौभाग्यवती महिलाएं गौरी-शंकर की पूजा करती हैं।
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उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिव जी ने माता-पार्वती को इस व्रत के बारे में विस्तार से समझाया था। मां गौरा ने माता पार्वती के रूप मे हिमालय के घर में जन्म लिया था। बचपन से ही माता पार्वती भगवान शिव को वर के रूप में पाना चाहती थी और उसके लिए उन्होंने कठोर तप किया। उनके कठोर तप से भगवान शिव प्रसन्न हुए तथा माता पार्वती को उन्होंने उनकी मनोकामना पूर्ण होने का वरदान दिया।
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शाम होते ही अनपरा गांव राम जानकी मंदिर, शिव मंदिर अनपरा कालोनी, ककरी शिव मंदिर, बीना शिव मंदिर, डिबुलगंज शिव मंदिर, खड़िया, गरबंधा, औड़ी, काशी मोड़ आदि स्थानों पर शिव मंदिरों में शाम को महिलाओं ने भगवान शिव व पार्वती का दर्शन-पूजन कर अपने-अपने पति की लंबी आयु की कामना की।