सोनभद्र। घरेलू एलपीजी कनेक्शन का बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की रिफिल बुकिंग रोक दी गई है। उज्ज्वला योजना के ऐसे लाभार्थी, जिनकी ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें सामान्य रिफिल बुकिंग की सुविधा के लिए भी ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा। बृहस्पतिवार से यह नियम लागू कर दिए गए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में एलपीजी उपभोक्ताओं से संबंधित बैठक में डीएम चर्चित गौड़ ने एलपीजी कनेक्शनों के ई-केवाईसी सत्यापन, आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल की शिकायतों, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और जीरो पॉवर्टी 2.0 अभियान की समीक्षा की। डीएम ने गैस एजेंसियों को सभी कनेक्शनों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। कहा कि आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि को निस्तारण का आधार बनाया जाए। असंतुष्ट फीडबैक मिलने या गलत और भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान करने, दुर्व्यवहार करने या निर्धारित सेवाएं समय से उपलब्ध नहीं कराने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। किसी गैस एजेंसी के खिलाफ लगातार शिकायतें आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों और गैस एजेंसी संचालकों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया उपभोक्ताओं को सरल तरीके से समझाने के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम वित्त वागीश कुमार शुक्ला, जिलापूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पृथ्वी राज आदि मौजूद रहे।