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Sonebhadra News: सफाई के बाद कूड़े का क्या? डंपिंग यार्ड के बिना खुले में निस्तारण

Thu, 01 Oct 2026 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:54 PM IST
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What happens to the waste after cleanup? Open disposal in the absence of a dumping yard.
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत हरहुआ के बिजरी गांव के पोखरे पर बना आरआरसी सेंटर। संवाद
सोनभद्र/चुर्क। गांधी जयंती पर पूरा जनपद स्वच्छता का संकल्प ले रहा है। गांव से लेकर शहर तक सफाई अभियान चल रहे हैं लेकिन घरों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की समस्या अब भी बनी हुई है। जिले के 10 निकायों में स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था नहीं हो सकी है। कई स्थानों पर एमआरएफ सेंटर में छंटाई के बाद बचा कूड़ा खुले में फेंका जा रहा है। वहीं, 530 ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी सेंटरों में भी सभी क्रियाशील नहीं हैं। ऐसे में सफाई के बाद कूड़े का निस्तारण चुनौती बना हुआ है। नगर पालिका सोनभद्र समेत नौ नगर पंचायतों में एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं लेकिन डंपिंग की स्थायी व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका के एमआरएफ सेंटर में छंटाई के बाद बचा कूड़ा रौप पहाड़ी के पीछे डाला जाता है। डाला बाजार में रेलवे लाइन किनारे और चुर्क में छंटाई के बाद कूड़े के अवशेष जंगल की ओर फेंके जाने की बात सामने आई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आरआरसी सेंटरों की स्थिति अलग-अलग है। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के अमौली में सेंटर का टीनशेड क्षतिग्रस्त होने से कूड़ा छंटाई का काम प्रभावित है। हरहुआ के बिजरी में पोखरे पर बना कूड़ा सेंटर खुद कूड़े से घिरा है। कूरा के मुसही चरका टोला में बना आरआरसी भी निष्प्रयोज्य पड़ा है। दुद्धी में एमआरएफ सेंटर में कूड़े की छंटाई की जा रही है। बभनी। ब्लॉक की 36 ग्राम पंचायतों में आरआरसी बनाए गए हैं। हालांकि डूब क्षेत्र की सुंदरी, भीसूर, लाम्बी और कोरची पंचायतों में केंद्र नहीं बने हैं। एडीओ पंचायत सतीश कुमार सिंह के अनुसार 36 आरआरसी संचालित हैं। ब्लॉक में करीब 24 हजार व्यक्तिगत शौचालय बने हैं, जिनमें 60 से 70 प्रतिशत सक्रिय हैं। करमा ब्लॉक की 63 ग्राम पंचायतों में 29,734 व्यक्तिगत शौचालय बने हैं। एडीओ पंचायत अंशुमान सिंह के अनुसार इनमें 29,624 सक्रिय हैं। चार पंचायतों में जमीन उपलब्ध न होने से आरआरसी का काम शुरू नहीं हो सका है। 51 सेंटर पूरे हो चुके हैं और आठ का निर्माण चल रहा है। नगवां की 48 ग्राम पंचायतों में 46 में आरआरसी बने हैं। तेंदुआ समेत दो पंचायतों में निर्माण नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश आरआरसी का संचालन अभी शुरू नहीं हो सका है। व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। चतरा ब्लॉक की 60 ग्राम पंचायतों में 44 में आरआरसी का निर्माण पूरा हो चुका है। चार में काम चल रहा है। एडीओ पंचायत प्रवीण कुमार सिंह के अनुसार फेज-2 में वर्ष 2021 से अब तक 4,588 लोगों को व्यक्तिगत शौचालय के लिए धनराशि दी गई है।
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