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उत्तम खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षिण
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:54 PM IST
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भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा है कि शहीदों के गांव नगवां में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। प्रशासन क्षेत्र के विकास के प्रति लापरवाह है। पूर्व में डीएम ने यहां कैंप लगाकर विकास कार्य कराने की कई घोषणा की थी लेकिन उसे अमल में नहीं लाया गया। जबकि यह गांव सांसद आदर्श गांव भी है। सांसद शनिवार को गांव में नाबार्ड और बाड़ी परियोजना के तहत किसानों के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस बार सूखा पड़ गया। बारिश न होने से किसान उपज नहीं पैदा कर सके। इससे उनके समक्ष मुफलिसी की स्थिति पैदा हो गई है। खासकर उन गांवों में जहां विकास कोसों दूर है, किसानों के समक्ष गंभीर संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आरोप लगाया कि प्रशासन सूखा से पीड़ित किसानों को राहत देने के नाम पर कुछ भी नहीं कर सका है। इस दौरान शिविर में परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक भूपेश पांडेय और चंदन शुक्ला ने किसानों को विभिन्न तरह की योजनाओं से अवगत कराया। बताया कि नाबार्ड की ओर से किसानों की बेहतरी के लिए आदिवासी निधि के तहत जागरूक किया जा रहा है। किसान हमेशा सूखे की मार झेल रहा है और खेती न होने से परेशान रहते हैं। बताया कि बागवानी के लिए बाड़ी परियोजना से दो सौ किसानों का चयन करना है, जिसमें सौ किसानों का चयन हो चुका है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह बनाकर किसानों को लाभ दिलाया जाएगा।
कार्यक्रम अधिकारी मंजीत सिंह ने प्रशिक्षण दिया। ग्रामीणों ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर गांव में पोस्ट आफिस, स्वास्थ्य केंद्र आदि खोलने की मांग की। ग्रामीणों ने सांसद को अवगत कराया कि कनहर सिंचाई परियोजना से जुडे़ लोग गांव की जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं। उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि उनकी जमीन पर कब्जा क्यों किया जा रहा है। इस पर सांसद ने तहसीलदार से वार्ता कर कारण पूछा और निर्देश दिया कि गरीबों की जमीन पर किसी तरह का अतिक्रमण न किया जाए। सुरेंद्र अग्रहरि, जीत सिंह खरवार, कमलेश सिंह कमल, प्रधान ईश्वरी खरवार, नवल किशोर, हरिकिशुन, उदयभान, धरमजीत, रामफल तमाम लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इस बार सूखा पड़ गया। बारिश न होने से किसान उपज नहीं पैदा कर सके। इससे उनके समक्ष मुफलिसी की स्थिति पैदा हो गई है। खासकर उन गांवों में जहां विकास कोसों दूर है, किसानों के समक्ष गंभीर संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आरोप लगाया कि प्रशासन सूखा से पीड़ित किसानों को राहत देने के नाम पर कुछ भी नहीं कर सका है। इस दौरान शिविर में परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक भूपेश पांडेय और चंदन शुक्ला ने किसानों को विभिन्न तरह की योजनाओं से अवगत कराया। बताया कि नाबार्ड की ओर से किसानों की बेहतरी के लिए आदिवासी निधि के तहत जागरूक किया जा रहा है। किसान हमेशा सूखे की मार झेल रहा है और खेती न होने से परेशान रहते हैं। बताया कि बागवानी के लिए बाड़ी परियोजना से दो सौ किसानों का चयन करना है, जिसमें सौ किसानों का चयन हो चुका है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह बनाकर किसानों को लाभ दिलाया जाएगा।
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कार्यक्रम अधिकारी मंजीत सिंह ने प्रशिक्षण दिया। ग्रामीणों ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर गांव में पोस्ट आफिस, स्वास्थ्य केंद्र आदि खोलने की मांग की। ग्रामीणों ने सांसद को अवगत कराया कि कनहर सिंचाई परियोजना से जुडे़ लोग गांव की जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं। उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि उनकी जमीन पर कब्जा क्यों किया जा रहा है। इस पर सांसद ने तहसीलदार से वार्ता कर कारण पूछा और निर्देश दिया कि गरीबों की जमीन पर किसी तरह का अतिक्रमण न किया जाए। सुरेंद्र अग्रहरि, जीत सिंह खरवार, कमलेश सिंह कमल, प्रधान ईश्वरी खरवार, नवल किशोर, हरिकिशुन, उदयभान, धरमजीत, रामफल तमाम लोग मौजूद रहे।
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