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बेंच घोटाला: चुनाव में व्यस्त थे अफसर, बेंच लगवाते रहे प्रधान-सचिव
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सोनभद्र। जिले के कई ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंच की खरीद फरोख्त में हुई गड़बड़ी की जांच कर रहे अधिकारियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान अधिकारी एडीओ पंचायत और सचिवों को मतदान केंद्रों पर पेयजल, रोशनी आदि की व्यवस्था कराने के लिए निर्देश देते रहे लेकिन कई सेक्रेट्री और ग्राम प्रधान अधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखाकर बेंच का कार्य कराकर सरकारी धन का बंदरबांट करने में मशगूल रहे।
जिले की ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंचों को लगाने के नाम पर लाखों के घोटाले की शिकायत की जांच अंतिम दौर में पहुंच गई है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों को जांच के दौरान कई ग्राम पंचायतों में मनमाने ढंग से बेंचों के दाम का भुगतान कर दिया गया है। जांच में लगे अधिकारियों को डीपीआरओ की ओर से 29 जनवरी को सभी एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव को भेजा गया पत्र मिला है। इस पत्र में डीपीआरओ ने लिखा है कि विधान सभा चुनाव मद्देनजर आचार संहिता लग चुकी है, इसलिए ग्राम पंचायतों में सिर्फ महत्वपूर्ण कार्य ही कराया जाए। विभिन्न ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान मामला संज्ञान में आया है कि सीमेंटेड बेंच एवं अन्य कार्य वर्तमान में कराए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधितों को चुनाव के मद्देनजर पंचायत भवन की मरम्मत और सचिवालय स्थापना, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, बालक एवं बालिका शौचालय एवं रैंप आदि महत्वपूर्ण कार्यों को कराने का निर्देश दिया। इसके बावजूद कई ग्राम पंचायतों में बेंचों को लगवाया गया और मना करने के बाद भी लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। कई जगहों पर बेंचों के वास्तविक मूल्य से दोगुना भुगतान करने मामला उजागर हुआ है। संभावना है कि जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। डीपीआरओ विशाल सिंह का कहना है कि मना करने के बाद भी बेेंच लगवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
रातों रात बदल दिए गए बेंच
बीजपुर। जिले में सीमेंटेड बेंच घोटाले का मामला तूल पकड़ते ही सप्लायरों में खलबली मच गई है। सप्लायरों ने रातों रात ग्रामीण अंचलों में टूटे बेंचों को बदल कर नए लगा दिए हैं। बीजपुर ग्राम पंचायत में लगे 47 बेंचों में कई बेंच सप्लाई से महज कुछ दिनों में ही टूट कर बिखर गए थे। शिकायत के बाद भी सप्लायर बदलने को तैयार नहीं थे। लेकिन जांच शुरू होते ही सोमवार और मंगलवार की रात कई गांवों में टूटे बेंचों को बदल कर चकाचक कर दिया गया। चर्चा है कि अधिकांश ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मिलिभगत से अपने-अपने चहेतों के घर पर बेंचो को लगवाया है। इसकी जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी।
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जिले की ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंचों को लगाने के नाम पर लाखों के घोटाले की शिकायत की जांच अंतिम दौर में पहुंच गई है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों को जांच के दौरान कई ग्राम पंचायतों में मनमाने ढंग से बेंचों के दाम का भुगतान कर दिया गया है। जांच में लगे अधिकारियों को डीपीआरओ की ओर से 29 जनवरी को सभी एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव को भेजा गया पत्र मिला है। इस पत्र में डीपीआरओ ने लिखा है कि विधान सभा चुनाव मद्देनजर आचार संहिता लग चुकी है, इसलिए ग्राम पंचायतों में सिर्फ महत्वपूर्ण कार्य ही कराया जाए। विभिन्न ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान मामला संज्ञान में आया है कि सीमेंटेड बेंच एवं अन्य कार्य वर्तमान में कराए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधितों को चुनाव के मद्देनजर पंचायत भवन की मरम्मत और सचिवालय स्थापना, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, बालक एवं बालिका शौचालय एवं रैंप आदि महत्वपूर्ण कार्यों को कराने का निर्देश दिया। इसके बावजूद कई ग्राम पंचायतों में बेंचों को लगवाया गया और मना करने के बाद भी लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। कई जगहों पर बेंचों के वास्तविक मूल्य से दोगुना भुगतान करने मामला उजागर हुआ है। संभावना है कि जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। डीपीआरओ विशाल सिंह का कहना है कि मना करने के बाद भी बेेंच लगवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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रातों रात बदल दिए गए बेंच
बीजपुर। जिले में सीमेंटेड बेंच घोटाले का मामला तूल पकड़ते ही सप्लायरों में खलबली मच गई है। सप्लायरों ने रातों रात ग्रामीण अंचलों में टूटे बेंचों को बदल कर नए लगा दिए हैं। बीजपुर ग्राम पंचायत में लगे 47 बेंचों में कई बेंच सप्लाई से महज कुछ दिनों में ही टूट कर बिखर गए थे। शिकायत के बाद भी सप्लायर बदलने को तैयार नहीं थे। लेकिन जांच शुरू होते ही सोमवार और मंगलवार की रात कई गांवों में टूटे बेंचों को बदल कर चकाचक कर दिया गया। चर्चा है कि अधिकांश ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मिलिभगत से अपने-अपने चहेतों के घर पर बेंचो को लगवाया है। इसकी जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी।
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