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टूटी पुलिया से होकर जाना होगा बूथों तक

Fri, 17 Feb 2017 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र Updated Fri, 17 Feb 2017 10:47 PM IST
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beBooths will  broken up through culvert
जांच में 11 नामांकन पत्र किए गए खारिज
गवां ब्लॉक के अति नक्सल प्रभावित गांव चौरा के मतदाताओं को इस बार वोट देने के लिए आठ किमी पैदल चलना होगा। वजह कि चौरा और मंडपा के बीच बहने वाली नयनदह नदी की पुलिया बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई है। पोलिंग पार्टियों को भी वाहन छोड़ पैदल ही उस पार के बूथों पर पहुंचना होगा।यूपी के आखिरी जिले सोनभद्र और बिहार की सीमा से जुड़े इसके आखिरी गांवों के लोगों को कम फजीहत नहीं झेलनी पड़ रही।
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बुनियादी सुविधाओं के कमी लोगों को पिछड़ेपन के रूप में सालती रहती है। नगवां ब्लॉक के अति नक्सल प्रभावित और बिहार की सीमा से सटे गांव चरगड़ा, मड़पा, दरेंव और देवहार के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय तक जाने के लिए अब भी परेेशानी झेलनी पड़ती है। दरअसल करीब छह माह पूर्व बारिश में पानी का बहाव ज्यादा होने से चौरा और चरगड़ा गांव के बीच नयनदह नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। बहाव में सरकारी गल्ले से लदा एक ट्रैक्टर भी बह गया था। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी थी। लेकिन छह माह बीतने को हैं और अब तक पुल की मरम्मत नहीं हो सकी। इस नाते नदी के उस पार बसे गांवों के लोगों को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है।
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अब जबकि विधानसभा चुनाव के तहत आठ मार्च को जिले भर में मतदान होना है, ऐसे में पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टियों को भी परेशान होना पड़ेगा। किसी तरह कई हल्के क्षतिग्रस्त छलकों को पार कर पोलिंग पार्टियां चौरा तक पहुंच तो जाएंगी लेकिन पार्टियों के लोगों को चरगड़ा या उससे आगे के बूथों पर जाने के लिए पैदल ही करीब पांच किमी दूरी तय करनी होगी।
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उधर चौरा गांव के लोगों को भी करीब आठ किमी पैदल दूरी कर मड़पा गांव में बने पोलिंग बूथ पर वोट देने के लिए जाना होगा। चरगड़ा के प्रधान यूसूूफ अली अंसारी और मंडपा की प्रधान रविता देवी का कहना है कि नयनदह नदी पर क्षतिगस्त पुल के मरम्मत के लिए उन्होंने बीडीओ से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक को अवगत कराया लेकिन मरम्मत नहीं हुई।

 
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