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बाल्मीकि के आदर्श इस दौर में प्रासंगिक
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Tue, 27 Oct 2015 10:50 PM IST
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उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को आरटीएस क्लब में महर्षि बाल्मीकि की जयंती मनाई। संघ के जिलाध्यक्ष अजीत रावत ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित रामायण एक महाकाव्य है।
जो श्रीराम के जीवन के माध्यम से हमें जीवन के सत्य और कर्तव्य से परिचित करवाता है। उनका जन्म नागा प्रजाति में हुआ था। उन्हें महर्षि बनने के पहले बाल्मीकि रत्नाकर के नाम से जाना जाता था।
नगर पालिका राबर्ट्सगंज के सफाई नायक सुजीत कुमार ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि ने रामायण के जरिए समाज को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया।
उनका जीवन प्रेरणा और त्याग का परिचायक है। वर्तमान दौर में उनके आदर्श और भी प्रासंगिक हैं। वंशीधर दीक्षित, सुमन रावत, जितेंद्र, महेंद्र, अमरजीत, आकाश रावत, शैलेंद्र रावत, मीना आदि मौजूद रहीं।
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जो श्रीराम के जीवन के माध्यम से हमें जीवन के सत्य और कर्तव्य से परिचित करवाता है। उनका जन्म नागा प्रजाति में हुआ था। उन्हें महर्षि बनने के पहले बाल्मीकि रत्नाकर के नाम से जाना जाता था।
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नगर पालिका राबर्ट्सगंज के सफाई नायक सुजीत कुमार ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि ने रामायण के जरिए समाज को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया।
उनका जीवन प्रेरणा और त्याग का परिचायक है। वर्तमान दौर में उनके आदर्श और भी प्रासंगिक हैं। वंशीधर दीक्षित, सुमन रावत, जितेंद्र, महेंद्र, अमरजीत, आकाश रावत, शैलेंद्र रावत, मीना आदि मौजूद रहीं।
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