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Sonebhadra News: दुबई में बैठा आसिफ चला रहा कफ सिरप की तस्करी का गिरोह
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सोनभद्र। कफ सिरप के तस्करों के कनेक्शन खाड़ी देशों तक जुड़े हैं। मेरठ निवासी आसिफ दुबई में बैठकर तस्करी के कारोबार का संचालन कर रहा है। उसका साथी वसीम बांग्लादेश तो वाराणसी का शुभम भारत में कारोबार को संभाल रहा है। एसआईटी सभी पहलुओं पर जांच में जुटी है।
बता दें कि 15 दिन के भीतर करीब आठ करोड़ के कफ सिरप की बरामदगी, 12 आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी से एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। सोनभद्र और गाजियाबाद पुलिस की छानबीन में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसके मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही बांग्लादेश से लेकर खाड़ी देशों तक फैला कोडीन युक्त कफ सिरप का कारोबार मेरठ और वाराणसी के व्यक्तियों की तरफ से मुख्य सरगना के रूप में चलाया जा रहा है।
सोनभद्र-गाजियाबाद पुलिस को अब तक मिली जानकारी के मुताबिक मेरठ का रहने वाला वसीम भारत-बांग्लादेश सीमा पर सिरप लदे ट्रकों को पार कराने का जिम्मा संभालता है। वहीं मेरठ जिले के राधना गांव का रहने वाला आसिफ दुबई में बैठ कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गिरोह का संचालन कर रहा है। वाराणसी के शुभम पर देश के विभिन्न राज्यों में तस्करी का कारोबार संभालने की जिम्मेदारी है। तस्करी के इस खेल में कई बड़े नाम भी सामने आए हैं। अभी इन नामों और जांच में सामने रहे तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं को गोपनीय रखा जा रहा है।
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प्रदेश के गाजियाबाद के साथ दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के पानीपत तक फैले नेटवर्क पर नजर तो रखी ही जा रही है। बांग्लादेश से खाड़ी देशों का जुड़ाव किस तरह से हो रहा है, यह भी पता लगाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस कारोबार में देश विरोधी ताकतें भी तो शामिल नहीं हैं।
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एएसपी की निगरानी में जांच कर रही एसआईटी
कफ सिरप की तस्करी के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का निर्देशन एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार करेंगे। एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक विशेष जांच टीम में दो निरीक्षक, दो उप निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल, चार कांस्टेबल शामिल किए गए हैं।
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नशे के लिए विदेश में है अच्छी मांग
प्रतिबंधित कफ सिरप में कोडिन (एक तरह की अफीम) की मात्रा अच्छी-खासी होती है। इसलिए इसकी मांग देश के साथ ही विदेशों में भी अच्छी खासी है। चूंकि सामान्य तरीके से इसकी बिक्री नहीं की जा सकती। कोई भी दुकानदार डॉक्टर की पर्ची पर ही इसे बेच सकता है। वह भी एक बार में एक ही शीशी देगा। एक निश्चित मात्रा के बाद इसका परिवहन भी प्रतिबंधित है। इसलिए इसे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ बांग्लादेश पहुंचाने के लिए तस्करी का तरीका अपनाया जाता है।
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वर्जन -
अब तक की छानबीन में कफ सिरप तस्करी का बड़ा रैकेट सामने आया है। इसको देखते हुए 10 सदस्यीय एसआईटी गठित कर टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में कई तत्थ्य सामने आए हैं। हर पहलू को खंगाला जा रहा है। -अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र।
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बता दें कि 15 दिन के भीतर करीब आठ करोड़ के कफ सिरप की बरामदगी, 12 आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी से एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। सोनभद्र और गाजियाबाद पुलिस की छानबीन में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसके मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही बांग्लादेश से लेकर खाड़ी देशों तक फैला कोडीन युक्त कफ सिरप का कारोबार मेरठ और वाराणसी के व्यक्तियों की तरफ से मुख्य सरगना के रूप में चलाया जा रहा है।
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सोनभद्र-गाजियाबाद पुलिस को अब तक मिली जानकारी के मुताबिक मेरठ का रहने वाला वसीम भारत-बांग्लादेश सीमा पर सिरप लदे ट्रकों को पार कराने का जिम्मा संभालता है। वहीं मेरठ जिले के राधना गांव का रहने वाला आसिफ दुबई में बैठ कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गिरोह का संचालन कर रहा है। वाराणसी के शुभम पर देश के विभिन्न राज्यों में तस्करी का कारोबार संभालने की जिम्मेदारी है। तस्करी के इस खेल में कई बड़े नाम भी सामने आए हैं। अभी इन नामों और जांच में सामने रहे तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं को गोपनीय रखा जा रहा है।
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प्रदेश के गाजियाबाद के साथ दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के पानीपत तक फैले नेटवर्क पर नजर तो रखी ही जा रही है। बांग्लादेश से खाड़ी देशों का जुड़ाव किस तरह से हो रहा है, यह भी पता लगाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस कारोबार में देश विरोधी ताकतें भी तो शामिल नहीं हैं।
एएसपी की निगरानी में जांच कर रही एसआईटी
कफ सिरप की तस्करी के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का निर्देशन एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार करेंगे। एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक विशेष जांच टीम में दो निरीक्षक, दो उप निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल, चार कांस्टेबल शामिल किए गए हैं।
नशे के लिए विदेश में है अच्छी मांग
प्रतिबंधित कफ सिरप में कोडिन (एक तरह की अफीम) की मात्रा अच्छी-खासी होती है। इसलिए इसकी मांग देश के साथ ही विदेशों में भी अच्छी खासी है। चूंकि सामान्य तरीके से इसकी बिक्री नहीं की जा सकती। कोई भी दुकानदार डॉक्टर की पर्ची पर ही इसे बेच सकता है। वह भी एक बार में एक ही शीशी देगा। एक निश्चित मात्रा के बाद इसका परिवहन भी प्रतिबंधित है। इसलिए इसे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ बांग्लादेश पहुंचाने के लिए तस्करी का तरीका अपनाया जाता है।
वर्जन -
अब तक की छानबीन में कफ सिरप तस्करी का बड़ा रैकेट सामने आया है। इसको देखते हुए 10 सदस्यीय एसआईटी गठित कर टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में कई तत्थ्य सामने आए हैं। हर पहलू को खंगाला जा रहा है। -अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र।