डाला स्थित श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन की तरफ से महाशिवरात्रि पर ध्रुपद रजनी कार्यक्रम का वार्षिक आयोजन धूमधाम से हुआ। कार्यक्रम में ध्रुपद कलाकार संजीव झा और मनीष कुमार ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पखावज पर उनके साथ हल्द्वानी निवासी हृदयेश चोपड़ा और तानपुरा पर सोनभद्र की रुद्राक्षी तिवारी रही।
श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन की तरफ से यह कार्यक्रम लगातार 17 वर्षों से अनवरत किया जा रहा है। संजीव झा और मनीष कुमार ने राग मालकौस में अलाप, जोड़, झाला के बाद पारंपरिक बंदिशें प्रस्तुत कीं जो क्रमश: चौताल और सूल ताल में निबद्ध थीं। इसके बाद राग चंद्रकौस में स्वरचित बंदिश हे शिवशंकर, गंगाधर सतिवर, गणनाथ भूतपति, जय अचलेश्वर... उनकी विशेष प्रस्तुति थी। इन दोनों ध्रुपद कलाकारों ने विद्यापति के पद को पहली बार ध्रुपद शैली में प्रस्तुत किया। कखन हरब दुख मोर... को राग चारुकेसी और ताल तीव्रा में और जय-जय भरवि को राग भैरवी और सूल ताल में प्रस्तुत किया। फाउंडेशन के सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि आमतौर पर शास्त्रीय संगीत महानगरों में केंद्रित है और हमारा प्रयास है कि इसे छोटे-छोटे गांवों और कस्बों तक लेकर आया जाए। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन चंद्रकिरण तिवारी ने किया।