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शिक्षकों के तबादले में खूब की गई मनमानी
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:57 PM IST
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teacher
- फोटो : amar ujala
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शिक्षकों के तबादले में खूब मनमानी की गई है। इसके चलते कई विद्यालय एकल हो गए हैं तो कुछ के बंद होने के आसार उत्पन्न हो गए हैं। जिन विद्यालयों में तबादले के बाद कोई शिक्षक नहीं रह जाएगा, उनमें शिक्षकों को कार्यमुक्त करने में खंड शिक्षा अधिकारी भी असमंजस में है। स्थिति यह है कि समायोजित होकर शिक्षक बने शिक्षामित्रों को मनचाही जगहों पर तैनाती तो दी ही गई। वहीं महिलाओं को जंगल तो पुरुषों को सड़क के विद्यालयों में भेज दिया गया है।
राबर्ट्सगंज ब्लाक से एक भी शिक्षक का गैर ब्लॉक में तबादला नहीं हुआ है। शिक्षामित्र से शिक्षक बने चार लोगों को जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों में तैनाती जरूर मिली है। म्योरपुर ब्लॉक में हरिपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षिका को कोटा पुनर्वास विद्यालय भेजा गया। इससे हरिपुर विद्यालय एकल हो गया। कोटा में पहले से चार शिक्षक, दो अनुदेशकों हैं।
बेलवादह से एक शिक्षक को तारापुर भेजा गया जबकि महज 98 विद्यार्थी पर वहां से पहले से चार शिक्षक, दो अनुदेशक तैनात थे। इसी तरह दो शिक्षिकाओं को जंगल के किनारे स्थित पतेरी टोला के विद्यालय में तैनाती दी गई है, जहां पुरुषों को भी पहुंचने में मुश्किल होती है। चोपन ब्लॉक में तबादले से पचपेड़िया, गिधिया, परसाजरहीं सहित सात विद्यालय एकल हो गए हैं। दुद्धी में तीन, बभनी में तीन विद्यालय, नगवां में भावां विद्यालय, चतरा में मऊ विद्यालय एकल हो गया है।
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घोरावल में धोवां, पुरखास, बहोरिका सहित छह विद्यालयों में ताला लटकने की नौबत आ गई है। यह स्थिति तब है जबकि शासन ने इस तरह तबादले के निर्देश दिए थे कि कोई विद्यालय एकल या बंद होने की स्थिति में ना आने पाए।
बीएसए मनभरन राजभर ने कहा कि शिक्षामित्र से समायोजित शिक्षकों का प्रदेश भर तबादला हो रहा है, यहां भी किया गया है। जहां विद्यालय एकल या बंद होने की बात है तो वहां के शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने को कहा गया है। समीक्षा करके ऐसे स्कूलों के शिक्षकों का तबादला रद्द किया जाएगा।
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राबर्ट्सगंज ब्लाक से एक भी शिक्षक का गैर ब्लॉक में तबादला नहीं हुआ है। शिक्षामित्र से शिक्षक बने चार लोगों को जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों में तैनाती जरूर मिली है। म्योरपुर ब्लॉक में हरिपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षिका को कोटा पुनर्वास विद्यालय भेजा गया। इससे हरिपुर विद्यालय एकल हो गया। कोटा में पहले से चार शिक्षक, दो अनुदेशकों हैं।
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बेलवादह से एक शिक्षक को तारापुर भेजा गया जबकि महज 98 विद्यार्थी पर वहां से पहले से चार शिक्षक, दो अनुदेशक तैनात थे। इसी तरह दो शिक्षिकाओं को जंगल के किनारे स्थित पतेरी टोला के विद्यालय में तैनाती दी गई है, जहां पुरुषों को भी पहुंचने में मुश्किल होती है। चोपन ब्लॉक में तबादले से पचपेड़िया, गिधिया, परसाजरहीं सहित सात विद्यालय एकल हो गए हैं। दुद्धी में तीन, बभनी में तीन विद्यालय, नगवां में भावां विद्यालय, चतरा में मऊ विद्यालय एकल हो गया है।
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घोरावल में धोवां, पुरखास, बहोरिका सहित छह विद्यालयों में ताला लटकने की नौबत आ गई है। यह स्थिति तब है जबकि शासन ने इस तरह तबादले के निर्देश दिए थे कि कोई विद्यालय एकल या बंद होने की स्थिति में ना आने पाए।
बीएसए मनभरन राजभर ने कहा कि शिक्षामित्र से समायोजित शिक्षकों का प्रदेश भर तबादला हो रहा है, यहां भी किया गया है। जहां विद्यालय एकल या बंद होने की बात है तो वहां के शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने को कहा गया है। समीक्षा करके ऐसे स्कूलों के शिक्षकों का तबादला रद्द किया जाएगा।