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ब्वायलर ट्यूब लीकेज से अनपरा की इकाइयां बंद
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कई इकाईयों के बंद होने के साथ रविवार को बिजली घरों से की जा रही भारी थर्मल बैकिंग के कारण निगम के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार सुबह ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण एक घंटे के अंतराल में अनपरा परियोजना की दो इकाईयों से उत्पादन ठप हो गया।
ब्वायलर ट्यूब लीकेज (बीटीएल) के ही कारण बंद हुई अनपरा परियोजना की 500 मेगावाट की सातवीं इकाई को जहां अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। वहीं बीटीएल के ही कारण रविवार सुबह एक-एक कर अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट क्षमता की पहली व तीसरी इकाई भी बंद हो गई। सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि इकाईयों का अनुरक्षण प्रारंभ हो गया है। जल्द ही सभी इकाईयों को लोड पर ले लिया जाएगा। दूसरी तरफ सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर चौथी व पांचवीं इकाई से थर्मल बैकिंग किये जाने के कारण परियोजना के साथ निगम के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार शाम तक अनपरा परियोजना का उत्पादन जहां गिरकर स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष 1186 मेगावाट पहुंच गया। वहीं निगम का उत्पादन भी लुढ़ककर 2356 मेगावाट के स्तर पर रहा। इस दौरान बिजली की अधिकतम मांग भी बढ़कर 20842 मेगावाट पहुंच गई। ऐसी स्थिति में पावर कारपोरेशन को सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में मशक्कत करनी पड़ी।
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ब्वायलर ट्यूब लीकेज (बीटीएल) के ही कारण बंद हुई अनपरा परियोजना की 500 मेगावाट की सातवीं इकाई को जहां अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। वहीं बीटीएल के ही कारण रविवार सुबह एक-एक कर अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट क्षमता की पहली व तीसरी इकाई भी बंद हो गई। सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि इकाईयों का अनुरक्षण प्रारंभ हो गया है। जल्द ही सभी इकाईयों को लोड पर ले लिया जाएगा। दूसरी तरफ सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर चौथी व पांचवीं इकाई से थर्मल बैकिंग किये जाने के कारण परियोजना के साथ निगम के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार शाम तक अनपरा परियोजना का उत्पादन जहां गिरकर स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष 1186 मेगावाट पहुंच गया। वहीं निगम का उत्पादन भी लुढ़ककर 2356 मेगावाट के स्तर पर रहा। इस दौरान बिजली की अधिकतम मांग भी बढ़कर 20842 मेगावाट पहुंच गई। ऐसी स्थिति में पावर कारपोरेशन को सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में मशक्कत करनी पड़ी।
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