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पहली के बाद अनपरा की पांचवीं इकाई भी हुई बंद
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अनपरा। तकनीकी खराबी के कारण अनपरा परियोजना की पांचवीं इकाई से सोमवार दोपहर विद्युत उत्पादन ठप हो गया। 710 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों के बंद हो जाने से परियोजना के साथ निगम के उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है।
सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण 500 मेगावाट की पांचवीं इकाई को सोमवार दोपहर 1.16 बजे शट डाउन करना पड़ा। इकाई का अनुरक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। इससे पूर्व रविवार भोर में बीटीएल के ही कारण 210 मेगावाट की पहली इकाई भी बंद हो गई है। दो-दो इकाइयों के बंद होने से थर्मल बैकिंग बंद होने के बाद भी सोमवार शाम तक स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष महज 1690 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इससे निगम का उत्पादन भी गिरकर 3283 मेगावाट पहुंच गया। जबकि उमस के कारण सोमवार सुबह बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 22250 मेगावाट पहुंच गया। देर शाम तक बिजली की मांग 17 हजार मेगावाट के करीब पहुंच जाने से सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर रिहंद जल विद्युत की सभी इकाइयों को लोड पर ले लिया गया। देर शाम तक जल विद्युत से 152 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण 500 मेगावाट की पांचवीं इकाई को सोमवार दोपहर 1.16 बजे शट डाउन करना पड़ा। इकाई का अनुरक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। इससे पूर्व रविवार भोर में बीटीएल के ही कारण 210 मेगावाट की पहली इकाई भी बंद हो गई है। दो-दो इकाइयों के बंद होने से थर्मल बैकिंग बंद होने के बाद भी सोमवार शाम तक स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष महज 1690 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इससे निगम का उत्पादन भी गिरकर 3283 मेगावाट पहुंच गया। जबकि उमस के कारण सोमवार सुबह बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 22250 मेगावाट पहुंच गया। देर शाम तक बिजली की मांग 17 हजार मेगावाट के करीब पहुंच जाने से सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर रिहंद जल विद्युत की सभी इकाइयों को लोड पर ले लिया गया। देर शाम तक जल विद्युत से 152 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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