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अनपरा डी-उन्नाव पारेषण लाइन के निर्माण में देरी
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Fri, 17 Feb 2017 10:53 PM IST
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electricity price increases
- फोटो : Demo Pic
पूर्ण रूप से राख बांध पर निर्मित देश की पहली परियोजना अनपरा-डी का भले ही पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू हो गया है लेकिन इसकी बिजली को उन्नाव स्थित ग्रिड जंक्शन तक पहुंचाने के लिए निर्मित की जा रही 765केवीए की पारेषण लाइन का निर्माण अभी अधूरा है। इससे परियोजना की बिजली के लिए वैकल्पिक रास्ता अपनाया गया, लेकिन इससे पारेषण लाइनों पर ओवरलोडिंग हो रही है।
लैंको अनपरा से उन्नाव के लिए 765 केवीए की पारेषण लाइन गुुजारी गई है। शेष लाइनें चार सौ, दो सौ और 120 केवीए की लाइनों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इससे अनपरा-डी की बिजली से ओवरलोड की स्थिति बनती रहती है। जबकि अनपरा-डी का निर्माण शुरू होने के समय से (2008 से) नई लाइन का निर्माण कराया जा रहा है।
तीन से चार साल में निर्माण पूरा हो जाना था लेकिन पर्यावरण का पेंच फंसने से 2011 में निर्माण कार्य रुक गया।
पिछले वर्ष अगस्त माह में रुका कार्य आगे बढ़ा तो मार्च तक काम पूरा करने का दावा किया गया। निर्माणकर्ता कंपनी के काम में देरी के चलते, समयसीमा बढ़ाकर जून कर दी। अब भी सोनभद्र-मिर्जापुर के बीच काफी काम अधूूरा है। एक्सईएन पारेषण एससी तिवारी कहते हैं कि वह अभी स्पष्ट रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। कार्य जल्द पूर्ण हो, इसका प्रयास जारी है।
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लैंको अनपरा से उन्नाव के लिए 765 केवीए की पारेषण लाइन गुुजारी गई है। शेष लाइनें चार सौ, दो सौ और 120 केवीए की लाइनों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इससे अनपरा-डी की बिजली से ओवरलोड की स्थिति बनती रहती है। जबकि अनपरा-डी का निर्माण शुरू होने के समय से (2008 से) नई लाइन का निर्माण कराया जा रहा है।
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तीन से चार साल में निर्माण पूरा हो जाना था लेकिन पर्यावरण का पेंच फंसने से 2011 में निर्माण कार्य रुक गया।
पिछले वर्ष अगस्त माह में रुका कार्य आगे बढ़ा तो मार्च तक काम पूरा करने का दावा किया गया। निर्माणकर्ता कंपनी के काम में देरी के चलते, समयसीमा बढ़ाकर जून कर दी। अब भी सोनभद्र-मिर्जापुर के बीच काफी काम अधूूरा है। एक्सईएन पारेषण एससी तिवारी कहते हैं कि वह अभी स्पष्ट रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। कार्य जल्द पूर्ण हो, इसका प्रयास जारी है।
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