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अनपरा-डी परियोजना ने हासिल की दोहरी उपलब्धि, अंतिम दिन सौ फीसद से अधिक पीएलएफ पर उत्पादन
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अनपरा की सातवीं इकाई के लगातार 100 घंटे तक उत्पादन रहने के बाद अनपरा डी परियोजना ने वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन एक और रिकार्ड अपने नाम किया। 31 मार्च को अनपरा डी की दोनों इकाइयों ने 100 प्रतिशत से अधिक प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) उत्पादन करने में सफलता हासिल की।
अनपरा डी के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को अनपरा डी की पहली व दूसरी इकाई (अनपरा की छठी व सातवीं) ने 100.04 प्रतिशत पीएलएफ पर 24.01 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। डीटीपीएस की दोनों इकाइयों के एक साथ 100 प्रतिशत से अधिक पीएलएफ पर उत्पादनरत रहने का यह रिकार्ड है। परियोजना प्रबंधन ने दोहरी उपलब्धि के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे टीम वर्क का प्रतिफल करार दिया है। गौरतलब हो कि राख बांध पर निर्मित अनपरा डी की इकाइयों को आरंभिक चरण में लोड पर लाने में अभियंताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बहरहाल उत्पादन निगम की नवीन इकाईयों के सुचारु संचालन से परियोजना के साथ निगम प्रबंधन को भी काफी राहत मिली है।
आधा दर्जन इकाइयों के बंद होने से विद्युत संकट गहराया
तापमान में उछाल के साथ ही प्रदेश में इन दिनों जहां बिजली की मांग में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं दूसरी तरफ तकनीकी खराबी के कारण निगम की आधा दर्जन इकाइयों के बंद हो जाने से सूबे में विद्युत संकट गहरा गया है। इस समय प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग निरंतर 20 हजार मेगावाट के करीब बनी हुई है। ऐसी स्थिति में पारीछा ए की 110 मेगावाट की दो, पारीछा बी की 210 मेगावाट की दो व अनपरा ए की 210 मेगावाट की दो इकाइयों के बंद हो जाने से सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में पावर कारपोरेशन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। शुक्रवार दोपहर अचानक अनपरा की सातवीं इकाई के ट्रिप कर जाने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि युद्ध स्तर पर अनुरक्षण अभियंताओं ने महज आधे घंटे के अंतराल में ही इकाई को लाइटअप कर लिया। देर शाम तक इसे सिंक्रोनाइज करने की तैयारी है। कई इकाइयों के बंद होने से निगम का उत्पादन घटकर 3400 मेगावाट के स्तर पर आ गया है।
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अनपरा डी के जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को अनपरा डी की पहली व दूसरी इकाई (अनपरा की छठी व सातवीं) ने 100.04 प्रतिशत पीएलएफ पर 24.01 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। डीटीपीएस की दोनों इकाइयों के एक साथ 100 प्रतिशत से अधिक पीएलएफ पर उत्पादनरत रहने का यह रिकार्ड है। परियोजना प्रबंधन ने दोहरी उपलब्धि के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे टीम वर्क का प्रतिफल करार दिया है। गौरतलब हो कि राख बांध पर निर्मित अनपरा डी की इकाइयों को आरंभिक चरण में लोड पर लाने में अभियंताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बहरहाल उत्पादन निगम की नवीन इकाईयों के सुचारु संचालन से परियोजना के साथ निगम प्रबंधन को भी काफी राहत मिली है।
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आधा दर्जन इकाइयों के बंद होने से विद्युत संकट गहराया
तापमान में उछाल के साथ ही प्रदेश में इन दिनों जहां बिजली की मांग में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं दूसरी तरफ तकनीकी खराबी के कारण निगम की आधा दर्जन इकाइयों के बंद हो जाने से सूबे में विद्युत संकट गहरा गया है। इस समय प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग निरंतर 20 हजार मेगावाट के करीब बनी हुई है। ऐसी स्थिति में पारीछा ए की 110 मेगावाट की दो, पारीछा बी की 210 मेगावाट की दो व अनपरा ए की 210 मेगावाट की दो इकाइयों के बंद हो जाने से सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में पावर कारपोरेशन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। शुक्रवार दोपहर अचानक अनपरा की सातवीं इकाई के ट्रिप कर जाने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि युद्ध स्तर पर अनुरक्षण अभियंताओं ने महज आधे घंटे के अंतराल में ही इकाई को लाइटअप कर लिया। देर शाम तक इसे सिंक्रोनाइज करने की तैयारी है। कई इकाइयों के बंद होने से निगम का उत्पादन घटकर 3400 मेगावाट के स्तर पर आ गया है।
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