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Sonebhadra News: मिड-डे-मील में कीड़े होने का आरोप, हंगामे का वीडियो वायरल
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सोनभद्र। सदर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बहेरा में बच्चों के खाने में कीड़े निकलने का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने सोमवार को हंगामा मचाया। सोशल मीडिया में इसका वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी इससे अनभिज्ञता जता रहे हैं।
वायरल वीडियो में अभिभावक मिड-डे-मील में बच्चों को कई दिनों से घटिया और कीड़े वाला भोजन परोसने का आरोप लगा हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई, बावजूद सरकारी व्यवस्था का हवाला देकर जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ दिया। ग्रामीण विद्यालय में रखे चावल और गेहूं की गुणवत्ता भी दिखाते हुए कह रहे हैं कि पहले से ही खराब गेहूं, चावल को अच्छी तरह साफ कराए बिना बच्चों को खिलाया जा रहा है। गोलू सिंह, राकेश, तारकेश्वर आदि का कहना है कि बच्चों की शिकायत के बाद स्कूल पर देखा गया तो एकदम खराब हो चुके सोयाबीन को बच्चों के भोजन में प्रयोग करने के लिए धूप में सुखाया जा रहा था। चावल में कीड़े ही कीड़े हैं, जो काफी पुराना है।
बता दें कि इससे पूर्व भी मिड-डे-मील में खराब गुणवत्ता की शिकायत मिलती है। पिछले दिनों घोरावल के एक स्कूल में बच्चों को नमक-रोटी खिलाने का भी वीडियो वायरल हुआ था। अब इस नए वीडियो से विभाग सकते में है। ग्राम प्रधान लाल बहादुर ने बताया कि स्कूल में खाना शिक्षकों की ओर से ही बनवाया जाता है। सोमवार को गांव के लोग खाने में कीड़े को लेकर स्कूल पर पहुंचे थे। हालांकि स्कूल की प्रधानाचार्य उर्मिला कुशवाहा ने हंगामे और खाने में कीड़े होने से इन्कार किया है।
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स्कूल के खाने में कीड़े मिलने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। -धनंजय सिंह, बीईओ राबर्ट्सगंज।
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वायरल वीडियो में अभिभावक मिड-डे-मील में बच्चों को कई दिनों से घटिया और कीड़े वाला भोजन परोसने का आरोप लगा हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई, बावजूद सरकारी व्यवस्था का हवाला देकर जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ दिया। ग्रामीण विद्यालय में रखे चावल और गेहूं की गुणवत्ता भी दिखाते हुए कह रहे हैं कि पहले से ही खराब गेहूं, चावल को अच्छी तरह साफ कराए बिना बच्चों को खिलाया जा रहा है। गोलू सिंह, राकेश, तारकेश्वर आदि का कहना है कि बच्चों की शिकायत के बाद स्कूल पर देखा गया तो एकदम खराब हो चुके सोयाबीन को बच्चों के भोजन में प्रयोग करने के लिए धूप में सुखाया जा रहा था। चावल में कीड़े ही कीड़े हैं, जो काफी पुराना है।
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बता दें कि इससे पूर्व भी मिड-डे-मील में खराब गुणवत्ता की शिकायत मिलती है। पिछले दिनों घोरावल के एक स्कूल में बच्चों को नमक-रोटी खिलाने का भी वीडियो वायरल हुआ था। अब इस नए वीडियो से विभाग सकते में है। ग्राम प्रधान लाल बहादुर ने बताया कि स्कूल में खाना शिक्षकों की ओर से ही बनवाया जाता है। सोमवार को गांव के लोग खाने में कीड़े को लेकर स्कूल पर पहुंचे थे। हालांकि स्कूल की प्रधानाचार्य उर्मिला कुशवाहा ने हंगामे और खाने में कीड़े होने से इन्कार किया है।
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स्कूल के खाने में कीड़े मिलने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। -धनंजय सिंह, बीईओ राबर्ट्सगंज।