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सभी विद्युत उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे प्रीपेड मीटर: एम.देवराज
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शक्तिनगर। बिजली का उपभोग कर रहे प्रत्येक उपभोक्ता के यहां प्रीपेड मीटर लगाया जाएगा। आपूर्ति के बदले शत-प्रतिशत राजस्व वसूली के लिए बिजली निगम ने यह योजना तैयार की है। राज्य विद्युत उत्पादन निगम के चेयरमैन और प्रमुख सचिव ऊर्जा एम. देवराज ने बताया कि अगले तीन वर्षों के अंदर सभी उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में भ्रमण पर आए एम. देवराज ने शुक्रवार को अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों का निरीक्षण किया। रेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि उपभोक्ता विद्युत बिलों का सुगमता से भुगतान कर सकें इसके लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। शहरों में उपभोक्ता जहां ऑनलाइन बिजली के बिलों का भुगतान कर लेते हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए महिलाओं के स्वयं सहायता समूह का गांव स्तर पर गठन किया जा रहा है। गांव की महिलाएं विद्युत बिलों की राशि संग्रह कर विद्युत विभाग में जमा करती हैं। अब कोटे की दुकानों पर भी विद्युत बिल जमा करने की व्यवस्था की जा रही है। विद्युत परियोजनाओं में धन की कमी दूर करने के लिए उन्होंने कहा कि बकाए विद्युत बिलों की वसूली से ही इस कमी को दूर किया जा सकता है। प्रदेश को दी जाने वाली विद्युत का काफी अधिक बकाया हो जाने पर एनटीपीसी की ओर से बिजली आपूर्ति नहीं किए जाने की नोटिस के संदर्भ में उन्होंने बताया कि एनटीपीसी को ग्यारह सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
इसके बाद एनटीपीसी ने अपनी नोटिस वापस ले लिया है। अनपरा के दौरे पर आए प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं राज्य विद्युत उत्पादन निगम के चेयरमैन एम. देवराज ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के विद्युत गृहों को कोयले की किल्लत का सामना न करना पड़े इसके लिए एनसीएल प्रबंधन के साथ बैठक की गई है। एनसीएल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि कोयले की समुचित आपूर्ति को बहाल रखी जाएगी। कोयले के मद में एनसीएल को 400 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। एनसीएल से प्रतिमाह लगभग 300 करोड़ रुपये का कोयला फिलहाल लिया जा रहा है।
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आज से शुरू होगी अनपरा की सातवीं इकाई
करीब 20 माह पूर्व बंद हुई अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की सातवीं इकाई का अनुरक्षण कार्य संपन्न कर लिया गया है। चेयरमैन ने बताया कि अनुरक्षण के बाद उत्पादन के दौरान आ रही दिक्कतों को भी दूर कर लिया गया है। 28 अगस्त से इस इकाई से पुन: विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा।
राख बांध का किया निरीक्षण
चेयरमैन ने अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव के साथ बेलवा दह स्थित राख बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने राख निस्तारण में आ रही समस्याओं को गंभीरता से समझा। बताया कि एनसीएल की गोरबी परियोजना में कोयला निकालने के बाद रिक्त हुए स्थान में राख भरने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस संदर्भ में एनसीएल के साथ शीघ्र ही एमओयू साइन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमओयू साइन होने के बाद ही निर्धारित किया जाएगा कि अनपरा से गोरबी तक राख सड़क मार्ग से परिवहन या पाइपलाइन के जरिए प्रेषित की जाएगी इसका निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने अनपरा परियोजना के चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और बताया कि यहां चिकित्सकों की कमी है। परियोजना प्रबंधन को कहा गया है कि वह संविदा पर चिकित्सकों की नियुक्ति का पूरा प्रयास करें। खराब एक्सरे मशीन को भी बदलने का उन्होंने आदेश दिया।
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जिले में भ्रमण पर आए एम. देवराज ने शुक्रवार को अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों का निरीक्षण किया। रेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि उपभोक्ता विद्युत बिलों का सुगमता से भुगतान कर सकें इसके लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। शहरों में उपभोक्ता जहां ऑनलाइन बिजली के बिलों का भुगतान कर लेते हैं वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए महिलाओं के स्वयं सहायता समूह का गांव स्तर पर गठन किया जा रहा है। गांव की महिलाएं विद्युत बिलों की राशि संग्रह कर विद्युत विभाग में जमा करती हैं। अब कोटे की दुकानों पर भी विद्युत बिल जमा करने की व्यवस्था की जा रही है। विद्युत परियोजनाओं में धन की कमी दूर करने के लिए उन्होंने कहा कि बकाए विद्युत बिलों की वसूली से ही इस कमी को दूर किया जा सकता है। प्रदेश को दी जाने वाली विद्युत का काफी अधिक बकाया हो जाने पर एनटीपीसी की ओर से बिजली आपूर्ति नहीं किए जाने की नोटिस के संदर्भ में उन्होंने बताया कि एनटीपीसी को ग्यारह सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
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इसके बाद एनटीपीसी ने अपनी नोटिस वापस ले लिया है। अनपरा के दौरे पर आए प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं राज्य विद्युत उत्पादन निगम के चेयरमैन एम. देवराज ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के विद्युत गृहों को कोयले की किल्लत का सामना न करना पड़े इसके लिए एनसीएल प्रबंधन के साथ बैठक की गई है। एनसीएल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि कोयले की समुचित आपूर्ति को बहाल रखी जाएगी। कोयले के मद में एनसीएल को 400 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। एनसीएल से प्रतिमाह लगभग 300 करोड़ रुपये का कोयला फिलहाल लिया जा रहा है।
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आज से शुरू होगी अनपरा की सातवीं इकाई
करीब 20 माह पूर्व बंद हुई अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की सातवीं इकाई का अनुरक्षण कार्य संपन्न कर लिया गया है। चेयरमैन ने बताया कि अनुरक्षण के बाद उत्पादन के दौरान आ रही दिक्कतों को भी दूर कर लिया गया है। 28 अगस्त से इस इकाई से पुन: विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा।
राख बांध का किया निरीक्षण
चेयरमैन ने अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव के साथ बेलवा दह स्थित राख बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने राख निस्तारण में आ रही समस्याओं को गंभीरता से समझा। बताया कि एनसीएल की गोरबी परियोजना में कोयला निकालने के बाद रिक्त हुए स्थान में राख भरने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस संदर्भ में एनसीएल के साथ शीघ्र ही एमओयू साइन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमओयू साइन होने के बाद ही निर्धारित किया जाएगा कि अनपरा से गोरबी तक राख सड़क मार्ग से परिवहन या पाइपलाइन के जरिए प्रेषित की जाएगी इसका निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने अनपरा परियोजना के चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और बताया कि यहां चिकित्सकों की कमी है। परियोजना प्रबंधन को कहा गया है कि वह संविदा पर चिकित्सकों की नियुक्ति का पूरा प्रयास करें। खराब एक्सरे मशीन को भी बदलने का उन्होंने आदेश दिया।