{"_id":"68dd20a4cc6f2edd6b0c7d67","slug":"ali-razavi-family-unaware-of-his-dangerous-plans-in-sonbhadra-2025-10-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: अली रजवी के खतरनाक मंसूबों से बेखबर थे घर वाले, एटीएस का दावा- पाकिस्तानी संगठनों से था प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: अली रजवी के खतरनाक मंसूबों से बेखबर थे घर वाले, एटीएस का दावा- पाकिस्तानी संगठनों से था प्रभावित
Wed, 01 Oct 2025 06:08 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 01 Oct 2025 06:08 PM IST
सार
Sonbhadra News: सोनभद्र के खैराही गांव निवासी अली रजवी को हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या और शरिया कानून लागू करने की साजिश रचने वालों के साथ एटीएस ने गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
एटीएस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
मौत के मुसाफिर नाम से ह्वाट्सएप स्टेटस लगाने वाले अली रजवी के खतरनाक मंसूबों से घरवालों ने बेखबर होने का दावा किया है। उनका कहना है कि वह कुछ वर्ष पहले मजदूरी के लिए मुंबई गया था। माना जा रहा है कि उसी दौरान वह कट्टरपंथियों के संपर्क में आया होगा।
विज्ञापन
सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के खैराही गांव निवासी अली रजवी को हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या और शरिया कानून लागू करने की साजिश रचने वालों के साथ एटीएस ने गिरफ्तार किया है। मां नजीमुन निशा ने बताया कि वह पिछले रमजान में घर आया था। उसी दौरान सड़क हादसे में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया था। इसके कारण एटीएस के हत्थे चढ़ने तक वह घर में ही था। मां ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। ऐसे में उनका बेटा इस तरह के कदम उठा लेगा? यह समझ में नहीं आ रहा।
विज्ञापन
Trending Videos
पढ़ाई में नहीं कुछ कर पाया तो पकड़ी मुंबई की राह
मां के मुताबिक सफील सलमानी उर्फ अली रजवी पढ़ाई में कुछ खास नहीं कर पाया। इंटरमीडिएट में ही फेल होने के बाद वह घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मजदूरी करने लगा। इसके बाद वह मुंबई चला गया। आसपास के लोग भी एटीएस के खुलासे से आश्चर्य में हैं। परिचितों का कहना था कि वह दूसरों से खास मतलब नहीं रखता था। घर में ज्यादा रहता था।
विज्ञापन
एटीएस का दावा : पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित था रजवी
उधर, एटीएस की तरफ से दावा सामने आया है कि पकड़े गए अली रजवी सहित अन्य आरोपी चरमपंथी पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित थे। संगठनों के क्रिया कलापों की जानकारी लेकर मुजाहिदीन आर्मी बनाने लगे हुए थे। उनकी मंशा चुी हुई सरकार को हटाकर शरिया कानून लागू करना चाहते थे। इसके लिए उनकी ओर से ऑडियो चैट-वीडियो के जरिए जहां लोगों को उकसाया जा रहा था। वहीं गैर मुस्लिम धर्मगुरुओं के हत्या की योजना बनाई जा रही थी। इसे अंजाम देने के लिए समान विचारधारा वालों से धन एकत्रित किए जाने का भी प्रयास जारी था।