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कृषि को दें उद्योग का दर्जा
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 19 Apr 2015 11:32 PM IST
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अपना दल की किसान महापंचायत रैली रविवार को नगवां ब्लाक के छत्रपति शाहू ही इंटर कालेज परिसर में हुई। इसमें राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन करने और कृषि को उद्योग का दर्जा देने के साथ आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार वालों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।
मुख्य अतिथि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि जिले की बिजली, रोजगार और पानी पर जिले के लोगों का विशेष अधिकार होना चाहिए।
लेकिन यहां के लोग अधिकार से वंचित हैं। यहां करीब 10 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है लेकिन बिजली के लिए लोग परेशान हैं। अंबेडकर जयंती पर कनहर में विस्थापितों पर लाठीचार्ज की निंदा की।
उन्होेंने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग बनाना चाहिए और कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने शिवसेना के नेता की मुस्लिमों से मताधिकार छीनने के बयान की निंदा की। प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन की भी मांग की।
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा कि यूपी में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए त्वरित रूप से किसानों के खाते में दस हजार रुपये सरकार को जमा करना चाहिए।
कहा कि यूपी सरकार का किसानों के संकट से कोई सरोकार नहीं है। अपना दल किसानों के हित के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता है।
सरकार आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार के लोगों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दे। रैली में राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद मौर्य, प्रो. गंगाराम यादव, आरवी सिंह पटेल ने यूपी सरकार से पूछा कि आखिरकार सरकार आरक्षण और प्रमोशन में देरी क्यों कर रही है।
रैली की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल और संचालन राजकुमार सिंह बौद्ध ने किया। इस मौके पर राजवन पटेल, सरोज पटेल, सुरेश पटेल, मिथिलेश पटेल, राजकुमार बौद्ध, सविता पटेल, अमरेंद्र पटेल, हरि प्रसाद धांगर, रमाशंकर अहिर मौजूद रहे।
रैली के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित 18 सूत्री मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। इसके पूर्व राबर्ट्सगंज के सिंचाई डाक बंगला में राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता कर यूपी सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि किसानों के हित में सरकार कुछ नहीं कर रही।
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मुख्य अतिथि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि जिले की बिजली, रोजगार और पानी पर जिले के लोगों का विशेष अधिकार होना चाहिए।
लेकिन यहां के लोग अधिकार से वंचित हैं। यहां करीब 10 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है लेकिन बिजली के लिए लोग परेशान हैं। अंबेडकर जयंती पर कनहर में विस्थापितों पर लाठीचार्ज की निंदा की।
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उन्होेंने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग बनाना चाहिए और कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने शिवसेना के नेता की मुस्लिमों से मताधिकार छीनने के बयान की निंदा की। प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन की भी मांग की।
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा कि यूपी में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए त्वरित रूप से किसानों के खाते में दस हजार रुपये सरकार को जमा करना चाहिए।
कहा कि यूपी सरकार का किसानों के संकट से कोई सरोकार नहीं है। अपना दल किसानों के हित के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता है।
सरकार आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार के लोगों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दे। रैली में राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद मौर्य, प्रो. गंगाराम यादव, आरवी सिंह पटेल ने यूपी सरकार से पूछा कि आखिरकार सरकार आरक्षण और प्रमोशन में देरी क्यों कर रही है।
रैली की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल और संचालन राजकुमार सिंह बौद्ध ने किया। इस मौके पर राजवन पटेल, सरोज पटेल, सुरेश पटेल, मिथिलेश पटेल, राजकुमार बौद्ध, सविता पटेल, अमरेंद्र पटेल, हरि प्रसाद धांगर, रमाशंकर अहिर मौजूद रहे।
रैली के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित 18 सूत्री मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। इसके पूर्व राबर्ट्सगंज के सिंचाई डाक बंगला में राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता कर यूपी सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि किसानों के हित में सरकार कुछ नहीं कर रही।