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अधिवक्ता ने साजिश कर जमीन बेचने का लगाया आरोप, केस दर्ज
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परियोजना कालोनी निवासी एक महिला पर अपने बेटों की साजिश में शामिल होकर दूसरे की जमीन को स्वयं की जमीन बता बिक्री करने का आरोप लगा है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि ओबरा निवासी अधिवक्ता हरिओम सेठ ने तहरीर देकर अवगत कराया है कि ओबरा निवासी रहसकली देवी निवासी ओबरा कालोनी से उनके बेटों से हुई वार्ता के आधार पर बिल्ली मारकुंडी में लबे रोड दो बिश्वा जमीन खरीदी। खरीदी गई जमीन पर मकान का निर्माण भी शुरू करा दिया लेकिन कुछ दिन बाद ही दूसरे लोग पहुंचे और अपनी जमीन बता काम रुकवा दिया। अधिवक्ता हरिओम ने जब स्थानीय लेखपाल आदि से जमीन के स्वामित्व की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी की तो पता चला कि वह धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। बताया है कि इस पर उन्होंने रहसकली देवी से बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि जब उन्होंने जमीन के बैनामा के एवज में दिए गए रुपए की मांग की तो उन्हें तमाम तरह से धमकी दी जाने लगी। मामले को लेकर उन्होंने पुलिस सहित अन्य उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई। लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। 10 जनवरी को वह पुलिस कप्तान के पास पहुंचे। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने ओबरा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ओबरा अभय कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को हरिओम की तहरीर पर मामले में धारा 406 और 420 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करते हुए प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी गई है।
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पुलिस ने बताया कि ओबरा निवासी अधिवक्ता हरिओम सेठ ने तहरीर देकर अवगत कराया है कि ओबरा निवासी रहसकली देवी निवासी ओबरा कालोनी से उनके बेटों से हुई वार्ता के आधार पर बिल्ली मारकुंडी में लबे रोड दो बिश्वा जमीन खरीदी। खरीदी गई जमीन पर मकान का निर्माण भी शुरू करा दिया लेकिन कुछ दिन बाद ही दूसरे लोग पहुंचे और अपनी जमीन बता काम रुकवा दिया। अधिवक्ता हरिओम ने जब स्थानीय लेखपाल आदि से जमीन के स्वामित्व की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी की तो पता चला कि वह धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। बताया है कि इस पर उन्होंने रहसकली देवी से बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि जब उन्होंने जमीन के बैनामा के एवज में दिए गए रुपए की मांग की तो उन्हें तमाम तरह से धमकी दी जाने लगी। मामले को लेकर उन्होंने पुलिस सहित अन्य उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई। लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। 10 जनवरी को वह पुलिस कप्तान के पास पहुंचे। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने ओबरा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ओबरा अभय कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को हरिओम की तहरीर पर मामले में धारा 406 और 420 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करते हुए प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी गई है।
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