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अलग-अलग दामों पर हुई मेडिकल उपकरणों की खरीद
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सोनभद्र। कोरोना काल में आक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला हुआ है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में अलग-अलग दामों पर इसकी खरीद की गई है। वहीं भुगतान में तेजी दिखाते हुए 534 ग्रामों में इसका भुगतान भी कर दिया गया है। यह स्थिति तब है जब दूसरे कार्यों के भुगतान को कभी तकनीकी तो कभी खाते में धन की कमी का बहाना बनाकर मार्च-अप्रैल तक के भुगतान को अभी तक लटकाए रखा गया है। उधर, प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सोमवार को ऐसे प्रकरणों की जांच कर रही एसआईटी को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में आक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीद के निर्देश दिए गए थे। इन उपकरणों की बाजारू कीमत से कहीं-कहीं दोगुने तो कहीं इससे भी अधिक में खरीद कर ली गई। दूसरे जनपदों में इस तरह का मामला सामने आने के बाद यहां भी इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई। एसआईटी की तरफ से जानकारी मांगी गई। इसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने शनिवार-रविवार में पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद सोमवार को इसे एसआईटी को रिपोर्ट भेज दी। बताते हैं कि प्रत्येक ब्लाक में इसे अलग-अलग दामों में खरीदा गया है। कहीं एडीओ पंचायत तो कहीं सेक्रेटरी तो कहीं पंचायत विभाग के अफसरों के इशारे पर इसकी खरीद कर ली गई। मामला खुलने न पाए, इसके लिए जैसे ही ऑनलाइन भुगतान शुरू हुआ, तेजी से इसके भुगतान का डोंगल भी लगाया जाना लगा। एक तरफ जहां मार्च-अप्रैल के टेंडर-कार्यों के भुगतान ग्राम पंचायतों में अटके पड़े हैं। वहीं कोराना काल के नाम पर की गई खरीद का तेजी से भुगतान किया जा रहा है। सोमवार को भेजी गई रिपोर्ट को लेकर बताया जा रहा है कि 534 ग्राम पंचायतों में भुगतान कर लिया गया है। शेष में भी फाइल तैयार है। अब जब प्रदेश स्तर से इसकी जांच शुरू हो गई है तो संबंधितों में हड़कंप की स्थिति है।
एसआईटी ने ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरणों की खरीद-भुगतान संबंधी जानकारी मांगी थी। इसका विवरण भेज दिया गया है। अब तक जिले के 534 ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरण खरीद का भुगतान करने की बात सामने आई है। - एस राजलिंगम, डीएम।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में आक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीद के निर्देश दिए गए थे। इन उपकरणों की बाजारू कीमत से कहीं-कहीं दोगुने तो कहीं इससे भी अधिक में खरीद कर ली गई। दूसरे जनपदों में इस तरह का मामला सामने आने के बाद यहां भी इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई। एसआईटी की तरफ से जानकारी मांगी गई। इसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने शनिवार-रविवार में पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद सोमवार को इसे एसआईटी को रिपोर्ट भेज दी। बताते हैं कि प्रत्येक ब्लाक में इसे अलग-अलग दामों में खरीदा गया है। कहीं एडीओ पंचायत तो कहीं सेक्रेटरी तो कहीं पंचायत विभाग के अफसरों के इशारे पर इसकी खरीद कर ली गई। मामला खुलने न पाए, इसके लिए जैसे ही ऑनलाइन भुगतान शुरू हुआ, तेजी से इसके भुगतान का डोंगल भी लगाया जाना लगा। एक तरफ जहां मार्च-अप्रैल के टेंडर-कार्यों के भुगतान ग्राम पंचायतों में अटके पड़े हैं। वहीं कोराना काल के नाम पर की गई खरीद का तेजी से भुगतान किया जा रहा है। सोमवार को भेजी गई रिपोर्ट को लेकर बताया जा रहा है कि 534 ग्राम पंचायतों में भुगतान कर लिया गया है। शेष में भी फाइल तैयार है। अब जब प्रदेश स्तर से इसकी जांच शुरू हो गई है तो संबंधितों में हड़कंप की स्थिति है।
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एसआईटी ने ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरणों की खरीद-भुगतान संबंधी जानकारी मांगी थी। इसका विवरण भेज दिया गया है। अब तक जिले के 534 ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरण खरीद का भुगतान करने की बात सामने आई है। - एस राजलिंगम, डीएम।
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