{"_id":"699df5bfd38243ee4b07faa7","slug":"a-year-later-the-rules-remained-untouched-and-the-highway-pillars-were-covered-with-hoardings-sonbhadra-news-c-194-1-son1005-142442-2026-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: एक साल बाद नहीं बनी नियमवाली, होर्डिंग से पट गए हाईवे के किनारे खंभे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: एक साल बाद नहीं बनी नियमवाली, होर्डिंग से पट गए हाईवे के किनारे खंभे
विज्ञापन
दुद्धी तहसील मोड़ पर अवैध लगे होर्डिंग पोस्टर-संवाद
दुद्धी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर होर्डिंग लगाने का कोई नियम नहीं है। इसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार मनमाने तरीके से होर्डिंग टांग रहे हैं। हाईवे के किनारे बिजली, टेलीफोन, स्ट्रीट लाइट के खंभे होर्डिंग से पट गए हैं। नगर के म्योरपुर तिराहा, तहसील मोड़, अमवार मोड़ सहित प्रमुख चौराहों पर दिशा संकेतक व सूचनात्मक बोर्ड विज्ञापनों से ढक गए हैं। इससे राहगीरों को भटकना पड़ता है। तहसील के बाहर, अस्पताल गेट, ब्लॉक और नगर पंचायत के कार्यालय के सामने भी अवैध होर्डिंग टंगे हुए हैं। अफसर होर्डिंग को नजरअंदाज कर देते हैं।
करीब एक साल पहले ही शासन ने निकायों को मनमाने ढंग से लग रहे होर्डिंग पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया था। प्रचार-प्रसार के लिए नीति तय करने को कहा था। यह निकायों की आमदनी बढ़ाने का भी जरिया था। सोनभद्र के निकाय इस मामले में सुस्त हैं। दुद्धी नगर पंचायत भी इसमें से एक है। एक साल बाद भी यहां होर्डिंग के लिए कोई नीति नहीं बन पाई है और न ही काेई स्थान चिह्नित हुआ है। लिहाजा लोग भी मनमाने ढंग से होर्डिंग टांग रहे हैं। राजनीतिक-व्यावसायिक प्रचार से जुड़े हाेर्डिंग शासन के निर्देशों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। नगर पंचायत प्रशासन अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत पर कुछ खास दिखाई नहीं दे रहा है। नगर का कोई भी चौराहा, बाजार ऐसा नहीं है। जहां अवैध होर्डिंग्स की भरमार न हो।
कमलेश मोहन, चेयरमैन ने बताया कि नगर पंचायत से कोई अनुमति नहीं दी गई है। नगर में सभी अवैध पोस्टर-होर्डिंग लगे हुए हैं। बगैर अनुमति वाले होर्डिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से बात कर कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब एक साल पहले ही शासन ने निकायों को मनमाने ढंग से लग रहे होर्डिंग पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया था। प्रचार-प्रसार के लिए नीति तय करने को कहा था। यह निकायों की आमदनी बढ़ाने का भी जरिया था। सोनभद्र के निकाय इस मामले में सुस्त हैं। दुद्धी नगर पंचायत भी इसमें से एक है। एक साल बाद भी यहां होर्डिंग के लिए कोई नीति नहीं बन पाई है और न ही काेई स्थान चिह्नित हुआ है। लिहाजा लोग भी मनमाने ढंग से होर्डिंग टांग रहे हैं। राजनीतिक-व्यावसायिक प्रचार से जुड़े हाेर्डिंग शासन के निर्देशों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। नगर पंचायत प्रशासन अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत पर कुछ खास दिखाई नहीं दे रहा है। नगर का कोई भी चौराहा, बाजार ऐसा नहीं है। जहां अवैध होर्डिंग्स की भरमार न हो।
विज्ञापन
कमलेश मोहन, चेयरमैन ने बताया कि नगर पंचायत से कोई अनुमति नहीं दी गई है। नगर में सभी अवैध पोस्टर-होर्डिंग लगे हुए हैं। बगैर अनुमति वाले होर्डिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से बात कर कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन