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बच्चों को नहीं मिला पानी तो नपेंगे प्रधानाचार्य
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सोनभद्र। चिलचिलाती धूप से तेजी से जलस्तर नीचे खिसक रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों में लगे हैंडपंप भी जवाब देने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि अगर उनके स्कूलों के हैंडपंप पानी नहीं देते है तो वे प्रधानों से संपर्क कर टैंकरों से पेयजल की व्यवस्था कराएं। ऐसा न करने वाले प्रधानाध्यापकों को लापरवाह मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक में 1804 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। धूप के चलते पहाड़ी क्षेत्रों के चननी, पनौरा, बेलछ, कनछ, पोखरिया, मांची समेत अन्य गांवों में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हैंडपंपों ने न केे बराबर पानी देना शुरू कर दिया है। धूप का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में हैंडंपप पूरी तरह से जवाब देंगे और अध्यनरत बच्चों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो जाएगा। हालांकि शिक्षा विभाग बच्चों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए अभी से पहल शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि जिन स्कूलों के हैंडपंप पानी देना बंद कर देंगे वहां पर टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराई जाएगी। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है। प्रधानाचार्य अपने प्रधानों से संपर्क कर टैंकरों से पानी मगाएंगे। इसकी मानिटरिंग सभी खंड शिक्षाधिकारी करेंगे। कहा कि जरूरत के बावजूद जिन स्कूलों में टैंकरों से पेयजलापूर्ति नहीं होगी वहां के प्रधानाध्यापकों को लापरवाह मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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राबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक में 1804 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। धूप के चलते पहाड़ी क्षेत्रों के चननी, पनौरा, बेलछ, कनछ, पोखरिया, मांची समेत अन्य गांवों में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हैंडपंपों ने न केे बराबर पानी देना शुरू कर दिया है। धूप का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में हैंडंपप पूरी तरह से जवाब देंगे और अध्यनरत बच्चों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो जाएगा। हालांकि शिक्षा विभाग बच्चों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए अभी से पहल शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि जिन स्कूलों के हैंडपंप पानी देना बंद कर देंगे वहां पर टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराई जाएगी। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है। प्रधानाचार्य अपने प्रधानों से संपर्क कर टैंकरों से पानी मगाएंगे। इसकी मानिटरिंग सभी खंड शिक्षाधिकारी करेंगे। कहा कि जरूरत के बावजूद जिन स्कूलों में टैंकरों से पेयजलापूर्ति नहीं होगी वहां के प्रधानाध्यापकों को लापरवाह मानते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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