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गैर प्रांतों से पशुओं में लाई जा रही है फूट राइड बीमारी
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:52 PM IST
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म्योरपुर। पशुओं में गैर प्रांतों से फुट राइड नामक बीमारी जिले में लाई जा रही है। पड़ोस के प्रांतों छत्तीसगढ़, झारखंड व मध्य प्रदेश से आने वाले पशुओं में बहुतायत मात्रा में यह बीमारी पाई जा रही है। इसके वजह से जिले के दक्षिणांचल के भी पशुपालक काफी परेशान हैं। यह जानकारी पशुपालन विभाग के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने दी।
सोमवार को उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बभनी, बीजपुर, चपकी, म्योरपुर, डिबुलगंज का दौरा करने के बाद बताया कि पशुपालक झारखंड, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से आने वाले पशुओं को चपकी स्थित बचरा बाजार में लगने वाले पशु मेले से खरीदते हैं। यहां मेले में अधिकतर पशुओं में फुट राइट नामक बीमारी पाई जा रही है। इससे यह पैर के अलावा मुंह पर भी असर कर रही है। पशुपालकों को यह ध्यान देना चाहिए कि गैर प्रांतों से आने वाले पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अवश्य देखकर ही उनके पशुओं को खरीदें। उनके इलाके में संपूर्ण टीकाकरण कर दिया गया है। बाहर से आने वाले पशु नान वैक्सीनेटर होने की वजह से तमाम रोगों से ग्रसित होते हैं। ऐसे में गैर प्रांतों से आने वाले पशुओं पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने पशुपालकों से अपील किया कि पशुओं को खरीदने में पूरी सावधानी बरतें। यदि आप एक बीमार पशु लाते हैं तो उसे दूसरे पशुओं में भी वह बीमारी फैल जाती है। उन्होंने पशुपालकों से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर पशुओं का समुचित इलाज कराने की अपील की और चिकित्सकों से सलाह लेकर ही कुछ करने की बात कही।
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सोमवार को उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बभनी, बीजपुर, चपकी, म्योरपुर, डिबुलगंज का दौरा करने के बाद बताया कि पशुपालक झारखंड, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से आने वाले पशुओं को चपकी स्थित बचरा बाजार में लगने वाले पशु मेले से खरीदते हैं। यहां मेले में अधिकतर पशुओं में फुट राइट नामक बीमारी पाई जा रही है। इससे यह पैर के अलावा मुंह पर भी असर कर रही है। पशुपालकों को यह ध्यान देना चाहिए कि गैर प्रांतों से आने वाले पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अवश्य देखकर ही उनके पशुओं को खरीदें। उनके इलाके में संपूर्ण टीकाकरण कर दिया गया है। बाहर से आने वाले पशु नान वैक्सीनेटर होने की वजह से तमाम रोगों से ग्रसित होते हैं। ऐसे में गैर प्रांतों से आने वाले पशुओं पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने पशुपालकों से अपील किया कि पशुओं को खरीदने में पूरी सावधानी बरतें। यदि आप एक बीमार पशु लाते हैं तो उसे दूसरे पशुओं में भी वह बीमारी फैल जाती है। उन्होंने पशुपालकों से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर पशुओं का समुचित इलाज कराने की अपील की और चिकित्सकों से सलाह लेकर ही कुछ करने की बात कही।
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