{"_id":"5b9170b2867a557eae2ddb04","slug":"81536258226-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अव्यवस्था के बीच पूरी रात बंटा नियुक्ति पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अव्यवस्था के बीच पूरी रात बंटा नियुक्ति पत्र
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। डायट परिसर में अव्यवस्था के बीच पूरी रात सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र बांटे गए। इस दौरान वितरण में मनमानी को लेकर विरोध के भी स्वर उठते रहे। स्थिति नियंत्रित रखने के लिए पुलिस फोर्स के साथ एडीएम, एएसपी, एसडीएम, सीओ कई थानों की फोर्स के साथ अलग-अलग टीमें बनाकर रात भर डायट पर ही डटे रहे। सुबह जाकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रित हुई, तब संबंधितों ने राहत की सांस ली।
प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति पत्र वितरण को लेकर शुरू से अव्यवस्था हावी रही। दिन में कई बार नियुक्ति पत्र बंटने की तैयारी होने और अचानक रणनीति में बदलाव ने शिक्षकों को भड़का कर रख दिया। हंगामा करने के साथ ही नियुक्ति पाने पहुंचे शिक्षक सड़क पर उतर आए। उनको नियंत्रित करने में पुलिस और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। किसी तरह रात 11 बजे से नियुक्ति पत्र वितरण शुरू हुआ लेकिन रह-रहकर अभ्यर्थियों की तरफ से उठते विरोध के स्वर अधिकारियों की नींद उड़ा दी थी। स्थिति अनियंत्रित न होने पाए, इसके लिए परिसर में पर्याप्त रोशनी के इंतजाम के साथ ढाबों को भी पूरी रात खुलवाए रखा गया ताकि भोजन के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। भोर में चार बजे तक नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। बीच-बीच में रह-रहकर बारिश से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होती रही। छह घंटे वितरण रोकने के बाद गुरुवार की सुबह दस बजे फिर से नियुक्ति पत्र का वितरण शुरू किया गया जो सभी शिक्षकों को मिलने तक जारी रहा।
इस संबंध में सोनभद्र के बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि 1049 लोगों की नियुक्ति होनी थी। उसमें 1003 ने काउंसलिंग दी थी। बृहस्पतिवार शाम तक 970 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिया गया। शेष को भी नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही वितरण किया गया। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है।
विज्ञापन
सोनभद्र के सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता थी कि शिक्षक दिवस पर सभी को नियुक्ति पत्र दे दिया जाए, लेकिन शाम तक एक भी शिक्षक को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सका। जानकारी होने पर मैं वहां पहुंचा और बीएसए से वार्ता कर रात में वितरण शुरू करवाया। वहां जानकारी मिली कि बीएसए विभाग के एक बाबू के घर में नियुक्ति पत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, इसी कारण देर हुई। यह नियम विरुद्ध है। इससे वह सीएम को अवगत कराएंगे।
डायट में ही डॉक्टरों ने बांटे स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
सोनभद्र। भगदड़ की स्थिति को देखते हुए डीएम के निर्देश पर चार-चार सदस्यीय डॉक्टरों की दो टीमों ने बृहस्पतिवार को डायट में ही परीक्षण कर स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रदान किया। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र वितरण का काम चलता रहा। पहली टीम में डॉ. एबी प्रसाद, केके पांडेय, एपी वर्मा, आनंद, दूसरी टीम में डॉ. के कुमार, सर्वेश, आरबी पांडेय, राजेंद्र प्रसाद सिंह शामिल रहे।
बाबू के घर पर सूची बनने की सूचना ने बिगाड़ा माहौल
सोनभद्र। नियुक्ति की सूची बीएसए कार्यालय के एक बाबू के आवास पर तैयार होने और वहीं देर रात तक प्रिंट होने की सूचना ने खासा माहौल बिगाड़ा। खफा अभ्यर्थियों ने उगाही का आरोप लगाते हुए कई बार हंगामा काटा। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने भी इस पर एतराज जताया।
महिला शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्र में दे दी तैनाती
सोनभद्र। देर रात नियुक्ति पत्र वितरण शुरू होने, उसमें भी महिला शिक्षकों की तैनाती दुरूह और दुर्गम क्षेत्र में किए जाने से महिला शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। एक विकल्प की जगह, तीन विकल्प तो लिए ही गए। पहले विकल्प पर पुरुषों को और आखिरी विकल्प पर महिलाओं को तैनाती दी गई। एक नहीं इस तरह के कई मामले सामने आने से सत्ता पक्ष के लोग ही सीधे तौर पर मुखर हो उठे हैं।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी का आरोप है कि 60 प्रतिशत महिलाओं को नियुक्ति मिली है, लेकिन वाराणसी, चंदौली सहित अन्य जनपदों की तरह महिलाओं से एक विकल्प लेने की बजाय, तीन विकल्प लेकर उनसे रुपये की उगाही की गई। जिन्होंने रुपये नहीं दिए उन्हें दुरूह और जंगली क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए शिक्षकों को दो दिन तक परेशान करने का आरोप भी लगाया। मसले को लेकर कई लोगों ने डायट पहुंचकर एतराज भी दर्ज कराया। बीएसए से भी बात करने की कोशिश की लेकिन बीएसए उपलब्ध नहीं हो पाए। खुद सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बीएसए पर निशाना साधा है। कहा कि जिस तरह से सीएम की सख्त हिदायत के बावजूद नियुक्ति पत्र वितरण में मनमानी की गई, उसने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति पत्र वितरण को लेकर शुरू से अव्यवस्था हावी रही। दिन में कई बार नियुक्ति पत्र बंटने की तैयारी होने और अचानक रणनीति में बदलाव ने शिक्षकों को भड़का कर रख दिया। हंगामा करने के साथ ही नियुक्ति पाने पहुंचे शिक्षक सड़क पर उतर आए। उनको नियंत्रित करने में पुलिस और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। किसी तरह रात 11 बजे से नियुक्ति पत्र वितरण शुरू हुआ लेकिन रह-रहकर अभ्यर्थियों की तरफ से उठते विरोध के स्वर अधिकारियों की नींद उड़ा दी थी। स्थिति अनियंत्रित न होने पाए, इसके लिए परिसर में पर्याप्त रोशनी के इंतजाम के साथ ढाबों को भी पूरी रात खुलवाए रखा गया ताकि भोजन के लिए दिक्कत का सामना न करना पड़े। भोर में चार बजे तक नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। बीच-बीच में रह-रहकर बारिश से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होती रही। छह घंटे वितरण रोकने के बाद गुरुवार की सुबह दस बजे फिर से नियुक्ति पत्र का वितरण शुरू किया गया जो सभी शिक्षकों को मिलने तक जारी रहा।
विज्ञापन
इस संबंध में सोनभद्र के बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि 1049 लोगों की नियुक्ति होनी थी। उसमें 1003 ने काउंसलिंग दी थी। बृहस्पतिवार शाम तक 970 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिया गया। शेष को भी नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही वितरण किया गया। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है।
विज्ञापन
सोनभद्र के सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता थी कि शिक्षक दिवस पर सभी को नियुक्ति पत्र दे दिया जाए, लेकिन शाम तक एक भी शिक्षक को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सका। जानकारी होने पर मैं वहां पहुंचा और बीएसए से वार्ता कर रात में वितरण शुरू करवाया। वहां जानकारी मिली कि बीएसए विभाग के एक बाबू के घर में नियुक्ति पत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, इसी कारण देर हुई। यह नियम विरुद्ध है। इससे वह सीएम को अवगत कराएंगे।
डायट में ही डॉक्टरों ने बांटे स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
सोनभद्र। भगदड़ की स्थिति को देखते हुए डीएम के निर्देश पर चार-चार सदस्यीय डॉक्टरों की दो टीमों ने बृहस्पतिवार को डायट में ही परीक्षण कर स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रदान किया। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र वितरण का काम चलता रहा। पहली टीम में डॉ. एबी प्रसाद, केके पांडेय, एपी वर्मा, आनंद, दूसरी टीम में डॉ. के कुमार, सर्वेश, आरबी पांडेय, राजेंद्र प्रसाद सिंह शामिल रहे।
बाबू के घर पर सूची बनने की सूचना ने बिगाड़ा माहौल
सोनभद्र। नियुक्ति की सूची बीएसए कार्यालय के एक बाबू के आवास पर तैयार होने और वहीं देर रात तक प्रिंट होने की सूचना ने खासा माहौल बिगाड़ा। खफा अभ्यर्थियों ने उगाही का आरोप लगाते हुए कई बार हंगामा काटा। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने भी इस पर एतराज जताया।
महिला शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्र में दे दी तैनाती
सोनभद्र। देर रात नियुक्ति पत्र वितरण शुरू होने, उसमें भी महिला शिक्षकों की तैनाती दुरूह और दुर्गम क्षेत्र में किए जाने से महिला शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। एक विकल्प की जगह, तीन विकल्प तो लिए ही गए। पहले विकल्प पर पुरुषों को और आखिरी विकल्प पर महिलाओं को तैनाती दी गई। एक नहीं इस तरह के कई मामले सामने आने से सत्ता पक्ष के लोग ही सीधे तौर पर मुखर हो उठे हैं।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी का आरोप है कि 60 प्रतिशत महिलाओं को नियुक्ति मिली है, लेकिन वाराणसी, चंदौली सहित अन्य जनपदों की तरह महिलाओं से एक विकल्प लेने की बजाय, तीन विकल्प लेकर उनसे रुपये की उगाही की गई। जिन्होंने रुपये नहीं दिए उन्हें दुरूह और जंगली क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए शिक्षकों को दो दिन तक परेशान करने का आरोप भी लगाया। मसले को लेकर कई लोगों ने डायट पहुंचकर एतराज भी दर्ज कराया। बीएसए से भी बात करने की कोशिश की लेकिन बीएसए उपलब्ध नहीं हो पाए। खुद सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बीएसए पर निशाना साधा है। कहा कि जिस तरह से सीएम की सख्त हिदायत के बावजूद नियुक्ति पत्र वितरण में मनमानी की गई, उसने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है।