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परिवहन मित्रों ने कसा स्कैन, फर्जी परमिट पर शिकंजा
Updated Thu, 10 May 2018 11:36 PM IST
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सोनभद्र। पंचायी राज, ग्राम विकास, नगरपालिका की तर्ज पर खनिज परिवहन प्रपत्रों की जांच के लिए लगाए सेमी टेक्रिकल कर्मचारियों (परिवहन मित्र) के उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। महज 21 दिनों में 96 खनिज वाहनों पर कार्रवाई हुई। इसमें स्कैन और फर्जी परमिट पकड़े जाने पर 12 वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही अवैध परिवहन में 41 वाहनों से 25.63 लाख शमन शुल्क वसूला गया है। शेष 43 वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
बताते चलें कि पासरों का सिंडिकेट टोल प्लाजा और कुछ खनिजकर्मियों की मिलीभगत से हर रोज दर्जनों वाहन स्कैन और फर्जी परमिट से पार होते थे। बिना परमिट वाहन पार कराए जाने की शिकायत मिलती रहती थी। इसको देखते हुए इस पर शिकंजे के लिए आवाज उठाई जा रही थी। आंकड़े बताते हैं कि खनिज प्रपत्र चेकिंग के लिए परिवहन मित्रों ने 21 दिन में 96 वाहनों पर कार्रवाई की है। बताते चलें कि विभागीय कर्मियों, कुछ सफेदपोश और पासरों का सिंडीकेट बना हुआ था और स्कैन और फर्जी परमिट से वाहन पास कराए जा रहे थे। पिछले दिनों जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह के साथ ही एसडीएम सदर डाक्टर अंकुर लाठर, एसडीएम अशोक कुमार, एसडीएम राजकुमार और एसडीएम विशाल यादव के साथ प्रशासनिक अमला देर रात तक खजिन पोस्टों पर परमिट की छानबीन करता रहा। इस दौरान कार्रवाई भी होती रही। जब तक अफसर टोल प्लाजा के पास जमे रहते थे तब तक पासरों का गिरोह बिना परमिट के वाहनों को मारकुंडी में खड़ा करा देता था। जैसे ही अफसर इधर उधर होते थे वैसे ही एक साथ वाहन पार हो जाते थे।
जेष्ठ खनिज अधिकारी एसके दास ने बताया कि परिवहन मित्रों ने परमिट की जांच में 17 अप्रैल से सात मई के बीच 96 वाहनों पर कार्रवाई की है। इसमें 12 वाहनों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की गई है। वह अपने स्तर से एक टीम परमिट चेक करा रहे हैं ताकि स्कैन परमिट और बिना परमिट के एक भी वाहन पार न हो सके।
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बताते चलें कि पासरों का सिंडिकेट टोल प्लाजा और कुछ खनिजकर्मियों की मिलीभगत से हर रोज दर्जनों वाहन स्कैन और फर्जी परमिट से पार होते थे। बिना परमिट वाहन पार कराए जाने की शिकायत मिलती रहती थी। इसको देखते हुए इस पर शिकंजे के लिए आवाज उठाई जा रही थी। आंकड़े बताते हैं कि खनिज प्रपत्र चेकिंग के लिए परिवहन मित्रों ने 21 दिन में 96 वाहनों पर कार्रवाई की है। बताते चलें कि विभागीय कर्मियों, कुछ सफेदपोश और पासरों का सिंडीकेट बना हुआ था और स्कैन और फर्जी परमिट से वाहन पास कराए जा रहे थे। पिछले दिनों जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह के साथ ही एसडीएम सदर डाक्टर अंकुर लाठर, एसडीएम अशोक कुमार, एसडीएम राजकुमार और एसडीएम विशाल यादव के साथ प्रशासनिक अमला देर रात तक खजिन पोस्टों पर परमिट की छानबीन करता रहा। इस दौरान कार्रवाई भी होती रही। जब तक अफसर टोल प्लाजा के पास जमे रहते थे तब तक पासरों का गिरोह बिना परमिट के वाहनों को मारकुंडी में खड़ा करा देता था। जैसे ही अफसर इधर उधर होते थे वैसे ही एक साथ वाहन पार हो जाते थे।
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जेष्ठ खनिज अधिकारी एसके दास ने बताया कि परिवहन मित्रों ने परमिट की जांच में 17 अप्रैल से सात मई के बीच 96 वाहनों पर कार्रवाई की है। इसमें 12 वाहनों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की गई है। वह अपने स्तर से एक टीम परमिट चेक करा रहे हैं ताकि स्कैन परमिट और बिना परमिट के एक भी वाहन पार न हो सके।
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