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खान विभाग, कलेक्ट्रेट और कोतवाली का लगा रहे चक्कर
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:44 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव में स्थित खनिज विभाग के चेकपोस्ट पर पिछले 24 घंटे में प्रशासनिक अधिकारियों एवं एआरटीओ ने ओवरलोड गिट्टी-बालू लदे 70 ट्रकों को चालान कर दिया। एआरटीओ अवधेश कुमार ने बताया कि ओवरलोड प्रत्येक ट्रकों का 15 से 20 हजार रुपये सम्मन शुल्क काटा गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में भ्रमण कर करीब डेढ़ सौ दो-तीन पहिया वाहनों का भी चालान किया गया है। उधर जुर्माना जमा करने जा रहे ट्रकों के मालिकों को खनिज विभाग दफ्तर से कागजात नहीं उपलब्ध कराए जा रहे जिससे ट्रक मालिक परेशान हैं।
बुधवार को डीएम अमित कुमार सिंह ने परमिट का समय समाप्त होने के बाद भी बालू परिवहन करने के आरोप में पकड़े गए दो ट्रकों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाकर कागजात खनिज विभाग दफ्तर भेज दिया था। यहां तैनात एक बाबू सुविधा शुल्क न मिलने पर मोटर मालिकों को जुर्माना जमा करने से संबंधित कागजात देने से इंकार कर दिया। उसने वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात कह कोर्ट से छुड़ाने की बात कहीं। जबकि ट्रकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं है। फैजाबाद से वाहनों को छुड़ाने राबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंचे रामकुमार यादव ने बताया कि उसकी गाड़ी परमिट का समय दो घंटा पहले खत्म होने के आरोप में अधिकारियों ने पकड़ा था। बुधवार को दिये गए प्रार्थना पत्र पर डीएम ने प्रति गाड़ी 20 हजार रुपये जुर्माना लगाकर ट्रकों को छोड़ने की अनुमति दी थी। गुरुवार की सुबह करीब दस बजे खान विभाग दफ्तर पहुंचने पर वहां एक बाबू ने कागजात न आने की बात बताई। उसने कोर्ट जाने की नसीहत दे दी। जबकि कोतवाली पुलिस का कहना है कि उनके यहां दोनों वाहनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं है। खान अधिकारी अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। वे बाहर हैं।
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बुधवार को डीएम अमित कुमार सिंह ने परमिट का समय समाप्त होने के बाद भी बालू परिवहन करने के आरोप में पकड़े गए दो ट्रकों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाकर कागजात खनिज विभाग दफ्तर भेज दिया था। यहां तैनात एक बाबू सुविधा शुल्क न मिलने पर मोटर मालिकों को जुर्माना जमा करने से संबंधित कागजात देने से इंकार कर दिया। उसने वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात कह कोर्ट से छुड़ाने की बात कहीं। जबकि ट्रकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं है। फैजाबाद से वाहनों को छुड़ाने राबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंचे रामकुमार यादव ने बताया कि उसकी गाड़ी परमिट का समय दो घंटा पहले खत्म होने के आरोप में अधिकारियों ने पकड़ा था। बुधवार को दिये गए प्रार्थना पत्र पर डीएम ने प्रति गाड़ी 20 हजार रुपये जुर्माना लगाकर ट्रकों को छोड़ने की अनुमति दी थी। गुरुवार की सुबह करीब दस बजे खान विभाग दफ्तर पहुंचने पर वहां एक बाबू ने कागजात न आने की बात बताई। उसने कोर्ट जाने की नसीहत दे दी। जबकि कोतवाली पुलिस का कहना है कि उनके यहां दोनों वाहनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं है। खान अधिकारी अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। वे बाहर हैं।
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