{"_id":"5c8a962fbdec221441197a78","slug":"71552586287-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरज-तरज के साथ हुई बारिश, बढ़ी किसानों की धड़कन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरज-तरज के साथ हुई बारिश, बढ़ी किसानों की धड़कन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिले में अचानक से बदले मौसम ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन बादलों की उमड़-घुमड़ बनी रही। देर शाम गरज-तड़क के साथ कुछ देर के लिए बारिश भी हुई। कई जगह तेज आंधी के साथ बारिश होने से कुछ समय के लिए अफरातफरी की भी स्थिति बन गई।
बुधवार शाम से ही जिले में मौसम का रंग बदला हुआ है। बुधवार की रात में कई बार रह-रहकर बूंदाबांदी हुई। बृहस्पतिवार को धूप खिली रही लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम पांच बजते-बजते बादलों ने पूरी तरह डेरा जमा लिया। राबटर्सगंज में देर शाम सात बजे के करीब पांच से दस मिनट तक तेज बारिश हुई। इसके चलते गलियों, सड़कों पर फिसलन की स्थिति परेशानी का सबब बनी रही। बेमौसम बारिश और आसमान में लगातार दो दिन से बादलों की आवाजाही ने किसानों की धुकधुकी बढ़ा दी है। इसी तरह डाला, ओबरा, रामगढ़, मधुपुर, घोरावल, शाहगंज, कोन, म्योपुर, बभनी, दुद्दी, बीजपुर, अनपरा, शक्तिनगर सभी जगह बारिश हुई। बारिश ज्यादा देर तक न हो जाए, इसको लेकर जहां किसान बेचैन रहे। वहीं ओला गिरने का डर उनकी नींद उड़ाए रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजन सिंह का कहना है कि एक दो दिन तक अभी इसी तरह के हालात बने रह सकते हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा बारिश से फसलों को तो नुुकसान पहुंचेगा ही, ऐसे मौसम में ओले गिरने का भी डर बना रहता है। चूंकि दलहनी फसल तैयार होने के करीब है। गेहूं की भी बालियां प्रौढ़ हो चुकी हैं। ऐसे में अगर तेज बारिश या ओला गिरने की स्थिति बनी तो फसलों को काफी नुकसान पहुंचेगा।
विज्ञापन
बुधवार शाम से ही जिले में मौसम का रंग बदला हुआ है। बुधवार की रात में कई बार रह-रहकर बूंदाबांदी हुई। बृहस्पतिवार को धूप खिली रही लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम पांच बजते-बजते बादलों ने पूरी तरह डेरा जमा लिया। राबटर्सगंज में देर शाम सात बजे के करीब पांच से दस मिनट तक तेज बारिश हुई। इसके चलते गलियों, सड़कों पर फिसलन की स्थिति परेशानी का सबब बनी रही। बेमौसम बारिश और आसमान में लगातार दो दिन से बादलों की आवाजाही ने किसानों की धुकधुकी बढ़ा दी है। इसी तरह डाला, ओबरा, रामगढ़, मधुपुर, घोरावल, शाहगंज, कोन, म्योपुर, बभनी, दुद्दी, बीजपुर, अनपरा, शक्तिनगर सभी जगह बारिश हुई। बारिश ज्यादा देर तक न हो जाए, इसको लेकर जहां किसान बेचैन रहे। वहीं ओला गिरने का डर उनकी नींद उड़ाए रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजन सिंह का कहना है कि एक दो दिन तक अभी इसी तरह के हालात बने रह सकते हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा बारिश से फसलों को तो नुुकसान पहुंचेगा ही, ऐसे मौसम में ओले गिरने का भी डर बना रहता है। चूंकि दलहनी फसल तैयार होने के करीब है। गेहूं की भी बालियां प्रौढ़ हो चुकी हैं। ऐसे में अगर तेज बारिश या ओला गिरने की स्थिति बनी तो फसलों को काफी नुकसान पहुंचेगा।
विज्ञापन