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गुणवता जांच के बाद ही निर्माण कार्य में प्रयुक्त करें सामग्री
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:28 PM IST
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दुद्धी(सोनभद्र)। सिंचाई विभाग के सचिव एवं पैक्ट अध्यक्ष राजमणि यादव ने सोमवार को कनहर परियोजना के मुख्य अभियंता गोविंद चंद्र के साथ परियोजना के कार्यों की प्रगति जानी। सबसे पहले उन्होंने विस्थापित होने वाले परिवार के लोगों से चर्चा की। पुनर्वास कालोनी का निरीक्षण किया।
इस दौरान अधिशासी अभियंता हेमंत वर्मा ने जानकारी दी कि 2621 प्लाट विकसित किए गए हैं। इसमें 1564 का आवंटन हो चुका है। इसमें 48 परिवार स्थायी रुप से निवास भी कर रहे हैं। शेष 1057 प्लाट के लिए भी प्रक्रिया जारी है। अभी तक 2060 परिवारों को मुआवजे की पैकेज राशि वितरित की गई है । शेष 1659 परिवारों के लिए करीब 152 करोड़ की आवश्यकता पड़ेगी।
उन्होंने कनहर बांध के स्पिलवे निर्माण का निरीक्षण किया। मजदूरों से मिलने वाली मजदूरी की जानकारी ली। स्पिलवे के ब्लाक नम्बर 17 के डाउन स्ट्रीम में सेक्शन तीन के और एप्रन के सेक्शन एक में टेलीबेल्ट से हो रहे कंक्रीटिंग के कार्य को देखा। कार्यदायी संस्था और संबंधित अभियंताओ को कार्य की गुुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। कहा कि कार्य स्थल पर प्रत्येक दिन कंक्रीट के कार्यो के कंप्रेसिव स्ट्रेंथ की जांच मानक के अनुरूप की जाए। गिट्टी बालू सीमेंट सरिया आदि को कार्य स्थल पर बने प्रयोगशाला में जांच के बाद ही, इसमें प्रयुक्त होने दिया जाए। उन्होंने खुद भी प्रयोगशाला में जाकर कंक्रीट के परीक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की और कंप्रेसिव स्ट्रेंथ जांची। तराई पर विशेष ध्यान देने को कहा। कुड़वा गांव में जलसुरंग और कोल्हीनडूबा गांव में बन रहे जलसेतु का भी कार्य देखा। पत्रकारों से हुई वार्ता में राजमणि यादव ने बताया कि स्पिलवे निर्माण कार्य 65 फीसद हो चुका है। जलसेतु और जलसुरंग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मुआवजे के मसले पर कहा कि विस्थापितों की अनदेखी नहीं होगी। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता जितेंद्र कन्नौजिया, सत्यप्रिय, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि धर्मराजू, राजन, संजय गुप्ता, त्रिलोकी झा, एके सिंह आदि मौजुद रहे।
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इस दौरान अधिशासी अभियंता हेमंत वर्मा ने जानकारी दी कि 2621 प्लाट विकसित किए गए हैं। इसमें 1564 का आवंटन हो चुका है। इसमें 48 परिवार स्थायी रुप से निवास भी कर रहे हैं। शेष 1057 प्लाट के लिए भी प्रक्रिया जारी है। अभी तक 2060 परिवारों को मुआवजे की पैकेज राशि वितरित की गई है । शेष 1659 परिवारों के लिए करीब 152 करोड़ की आवश्यकता पड़ेगी।
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उन्होंने कनहर बांध के स्पिलवे निर्माण का निरीक्षण किया। मजदूरों से मिलने वाली मजदूरी की जानकारी ली। स्पिलवे के ब्लाक नम्बर 17 के डाउन स्ट्रीम में सेक्शन तीन के और एप्रन के सेक्शन एक में टेलीबेल्ट से हो रहे कंक्रीटिंग के कार्य को देखा। कार्यदायी संस्था और संबंधित अभियंताओ को कार्य की गुुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। कहा कि कार्य स्थल पर प्रत्येक दिन कंक्रीट के कार्यो के कंप्रेसिव स्ट्रेंथ की जांच मानक के अनुरूप की जाए। गिट्टी बालू सीमेंट सरिया आदि को कार्य स्थल पर बने प्रयोगशाला में जांच के बाद ही, इसमें प्रयुक्त होने दिया जाए। उन्होंने खुद भी प्रयोगशाला में जाकर कंक्रीट के परीक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की और कंप्रेसिव स्ट्रेंथ जांची। तराई पर विशेष ध्यान देने को कहा। कुड़वा गांव में जलसुरंग और कोल्हीनडूबा गांव में बन रहे जलसेतु का भी कार्य देखा। पत्रकारों से हुई वार्ता में राजमणि यादव ने बताया कि स्पिलवे निर्माण कार्य 65 फीसद हो चुका है। जलसेतु और जलसुरंग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मुआवजे के मसले पर कहा कि विस्थापितों की अनदेखी नहीं होगी। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता जितेंद्र कन्नौजिया, सत्यप्रिय, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि धर्मराजू, राजन, संजय गुप्ता, त्रिलोकी झा, एके सिंह आदि मौजुद रहे।
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