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परियोजना प्रशासन की उड़ी नींद, दो दिन से उत्पादन में नहीं हो रहा सुधार
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:01 AM IST
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अनपरा। अनपरा परियोजना से दो दिनों में पांच सौ मेगावाट उत्पादन घटने से हड़कंप मच गया है। शनिवार को दिन भर इंजीनियरों की टीम उत्पादन बढ़ाने में पसीना बहाती रही लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
प्रदेश की सबसे बडी परियोजना में शुमार अनपरा के हालत बीच बीच में गड़बड़ हो जा रही है। इस परियोजना से शुक्रवार की सुबह सात बजे 1959 मेगावाट उत्पादन हो रहा था, लेकिन उसी दिन शाम चार बजे करीब पांच सौ मेगावाट उत्पादन घटकर 1457 मेगावाट पर पहुंच गया। परियोजना प्रशासन का कहना था कि मामूली तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन में कमी आई है और कुछ घंटों में उसे सही कर लिया जायेगा। लेकिन शनिवार की शाम तक उत्पादन में सुधार नहीं हो सका था। शुक्रवार को उत्पादन निगम की चार परियोजनाओं अनपरा ओबरा पारिच्छा व हरदुआगंज से 699 मेगावाट पारेषण लाइन में खराबी के कारण उत्पादन घटाना पड़ा था लेकिन शनिवार को थर्मल बैंकिंग से निजात मिलने से उत्पादन निगम को राहत मिली। हालांकि अनपरा के उत्पादन में सुधार न होने से परियोजना प्रशासन की चिंता दूर नहीं हो सकी थी।
गौरतलब है कि 11 जनवरी को भी गलन व कोहरे के चलते अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों से 455 मेगावाट तक उत्पादन घटाना पड़ा था। उत्पादन घटाने की वजह पारेषण लाइनों में खराबी बताई जा रही। हालांकि अगले दिन सुबह अनपरा के उत्पादन में सुधार आया। लेकिन उत्पादन रोके रखना पड़ा। उत्पादन निगम की तीन इकाइयों से बीते बुधवार की शाम चार बजे तक 3127 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। इसमें अनपरा से 1753, ओबरा से 483 व पारीछा से 891 मेगावाट उत्पादन जारी था, लेकिन दो घंटे बाद गलन बढ़ने व कोहरा के चलते पारेषण लाइनों में आई दिक्कत के कारण इन परियोजनाओं से विद्युत उत्पादन 455 मेगावाट तक घटना पड़ा।
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प्रदेश की सबसे बडी परियोजना में शुमार अनपरा के हालत बीच बीच में गड़बड़ हो जा रही है। इस परियोजना से शुक्रवार की सुबह सात बजे 1959 मेगावाट उत्पादन हो रहा था, लेकिन उसी दिन शाम चार बजे करीब पांच सौ मेगावाट उत्पादन घटकर 1457 मेगावाट पर पहुंच गया। परियोजना प्रशासन का कहना था कि मामूली तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन में कमी आई है और कुछ घंटों में उसे सही कर लिया जायेगा। लेकिन शनिवार की शाम तक उत्पादन में सुधार नहीं हो सका था। शुक्रवार को उत्पादन निगम की चार परियोजनाओं अनपरा ओबरा पारिच्छा व हरदुआगंज से 699 मेगावाट पारेषण लाइन में खराबी के कारण उत्पादन घटाना पड़ा था लेकिन शनिवार को थर्मल बैंकिंग से निजात मिलने से उत्पादन निगम को राहत मिली। हालांकि अनपरा के उत्पादन में सुधार न होने से परियोजना प्रशासन की चिंता दूर नहीं हो सकी थी।
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गौरतलब है कि 11 जनवरी को भी गलन व कोहरे के चलते अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों से 455 मेगावाट तक उत्पादन घटाना पड़ा था। उत्पादन घटाने की वजह पारेषण लाइनों में खराबी बताई जा रही। हालांकि अगले दिन सुबह अनपरा के उत्पादन में सुधार आया। लेकिन उत्पादन रोके रखना पड़ा। उत्पादन निगम की तीन इकाइयों से बीते बुधवार की शाम चार बजे तक 3127 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। इसमें अनपरा से 1753, ओबरा से 483 व पारीछा से 891 मेगावाट उत्पादन जारी था, लेकिन दो घंटे बाद गलन बढ़ने व कोहरा के चलते पारेषण लाइनों में आई दिक्कत के कारण इन परियोजनाओं से विद्युत उत्पादन 455 मेगावाट तक घटना पड़ा।
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