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संविदाकार कर रहे मजदूरों का शोषण, डीएम को सौंपा ज्ञापन
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:38 PM IST
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सोनभद्र। हिंदू युवा वाहिनी और भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के सदस्यों ने मजदूूरों की समस्या को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ठेकेदार पर मजदूूरों के शोषण का आरोप लगाकर नारेबाजी की। दोनों संगठनों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष सुशील मिश्र संग्राम और भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक के अगुवाई में कार्यकर्ता सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने संविदाकारों पर मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। संग्राम ने आरोप लगाया कि ओबरा तापीय परियोजना में कार्यरत सभी संविदाकार पिछले कई साल से संविदा मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। कोई भी संविदाकार संविदा कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं करते हैं, जिसका सत्यापन संविदा कर्मियों के बैंक खाते से किया जा सकता है। उन्होंने परियोजना प्रबंधन पर संविदाकारों का पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने ओबरा सी के निर्माण का समर्थन किया और परियोजना के संविदाकारों को न्यूनतम मजदूरी दिलाने की मांग की। उध संविदा श्रमिक संगठन ने परियोजना के कार्यरत बीएचईएल की संविदाकार कंपनी पर 22 संविदा कर्मियों को निकालने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जाहिर की। मणिशंकर ने मजदूरों को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान नागेंद्र, अमरनाथ, दिनेश शुक्ला, नवाज खां, अर्जुन यादव, राजू यादव, संतोष कुमार, मंजूर अली, जसवंत, मकसूद अली, रामगुल्ली, बसंत, अरुण मौजूद रहे। उधर अनपरा संवाददाता के अनुसार अनपरा तापीय परियोजना में सप्लाई के तहत कार्य कर रहे श्रमिकों ने शोषण के खिलाफ गेट नंबर दो पर सोमवार को कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
श्रमिक लाल बहादुर, शंकर एवं संगीता समेत तमाम श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें मात्र डेढ़ सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है। ये रुपये आने जाने में ही खर्च हो जा रहे हैं। बताया कि ज्यादातर श्रमिक म्योरपुर ब्लाक के बेलवादह जैसे दूरदराज गांव से आते हैं। ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने कहा कि पुलिस के माध्यम से उपश्रमायुक्त पिपरी, जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हो रहे शोषण की जानकारी दी गई थी। जिसकी जांच शासन स्तर से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का शोषण तत्काल बंद नहीं किया जाता है तो बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। मजदूर नेता संजय शर्मा व केदार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि परियोजना में काम करने वाले इन श्रमिकों को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा गेट पास भी नहीं दिया गया है। यदि परियोजना के अंदर किसी मजदूर के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है, तो उसका पता तक नहीं चलता। इस मौके पर जगदीश, सुरेंद्र, कैलाश, शकुंतला, सोनी, हीरामती, कविता, संगीता, पुलमतिया व किसमतिया आदि उपस्थित थे।
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श्रमिक लाल बहादुर, शंकर एवं संगीता समेत तमाम श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें मात्र डेढ़ सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है। ये रुपये आने जाने में ही खर्च हो जा रहे हैं। बताया कि ज्यादातर श्रमिक म्योरपुर ब्लाक के बेलवादह जैसे दूरदराज गांव से आते हैं। ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने कहा कि पुलिस के माध्यम से उपश्रमायुक्त पिपरी, जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हो रहे शोषण की जानकारी दी गई थी। जिसकी जांच शासन स्तर से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का शोषण तत्काल बंद नहीं किया जाता है तो बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। मजदूर नेता संजय शर्मा व केदार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि परियोजना में काम करने वाले इन श्रमिकों को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा गेट पास भी नहीं दिया गया है। यदि परियोजना के अंदर किसी मजदूर के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है, तो उसका पता तक नहीं चलता। इस मौके पर जगदीश, सुरेंद्र, कैलाश, शकुंतला, सोनी, हीरामती, कविता, संगीता, पुलमतिया व किसमतिया आदि उपस्थित थे।
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