{"_id":"596e3ec44f1c1bd07a8b46c2","slug":"71500397252-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुल निर्माण को लेकर आदिवासी शुरू करेंगे आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुल निर्माण को लेकर आदिवासी शुरू करेंगे आंदोलन
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओबरा (सोनभद्र)। रेणुका नदी के पार स्थित पनारी, परसोई, जुगैल, कनहरा, कुलडोमरी एवं बैरपुर ग्राम पंचायतों की करीब डेढ़ लाख आबादी वाले क्षेत्र के वार्ड सदस्यों तथा इंटक के पदाधिकारियों की बैठक मंगलवार को हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन कार्यालय पर हुई। इस दौरान रेणुका नदी पर पुल निर्माण के लिए सर्वसम्मति से संघर्ष समिति का गठन किया गया। इंटक जिलाध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी को संयोजक बनाया गया जबकि छह प्रधानों को दायित्व सौंपा गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रेणुका नदी पर पुल न बनने से इस क्षेत्र के बच्चे शिक्षित नहीं हो पा रहे हैं। कहा कि शासन से रेणुका नदी पर पुल राखी पुल से 200 मीटर की दूरी पर स्वीकृत है। शीघ्र ही संघर्ष समिति उत्पादन निगम ओबरा प्रबंधन और सरकार को नोटिस जारी करेगी। यह भी तय किया गया कि रेणुका नदी पर पुल निर्माम के लिए मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन, बेमियादी अनशन, हाईवे पर चक्काजाम, जेलभरो आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो न्यायालय का सहारा लिया जाएगा। जिन आदिवासियों ने ओबरा थर्मल पावर हाउस खड़ा कराने, ओबरा डैम बनवाने, चकाड़ी गांव में राखी डैम बनवाने में अपनी जगह जमीन देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है वे आज भी अंधेरे में रह रहे हैं। ऐसे आदिवासियों को ओबरा आने जाने के लिए रास्ता न दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आदिवासियों ने उत्पादन निगम प्रबंधन से अपील की है कि राखी पुल से 200 मीटर दूरी पर पुल बनाने के लिए ओबरा तक पहुंच मार्ग एवं अतिरिक्त पहुंच मार्ग के लिए शीघ्र अपनी सहमति सेतु निगम को प्रदान कराई जाए। बैठक में उदित नारायण खरवार, प्रभुनाथ खरवार, सुधरी देवी, हरिशंकर गोंड़, रामविलास दुबे, रामदुलारे गोंड़, शंकर भारती, राजाराम भारती, अकमानी देवी, बृजेश पांडेय, सत्यनारायण, दयाराम, दीनानाथ शर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन शमीम अख्तर खान ने किया। (ब्यूरो)
विज्ञापन
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रेणुका नदी पर पुल न बनने से इस क्षेत्र के बच्चे शिक्षित नहीं हो पा रहे हैं। कहा कि शासन से रेणुका नदी पर पुल राखी पुल से 200 मीटर की दूरी पर स्वीकृत है। शीघ्र ही संघर्ष समिति उत्पादन निगम ओबरा प्रबंधन और सरकार को नोटिस जारी करेगी। यह भी तय किया गया कि रेणुका नदी पर पुल निर्माम के लिए मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन, बेमियादी अनशन, हाईवे पर चक्काजाम, जेलभरो आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो न्यायालय का सहारा लिया जाएगा। जिन आदिवासियों ने ओबरा थर्मल पावर हाउस खड़ा कराने, ओबरा डैम बनवाने, चकाड़ी गांव में राखी डैम बनवाने में अपनी जगह जमीन देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है वे आज भी अंधेरे में रह रहे हैं। ऐसे आदिवासियों को ओबरा आने जाने के लिए रास्ता न दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आदिवासियों ने उत्पादन निगम प्रबंधन से अपील की है कि राखी पुल से 200 मीटर दूरी पर पुल बनाने के लिए ओबरा तक पहुंच मार्ग एवं अतिरिक्त पहुंच मार्ग के लिए शीघ्र अपनी सहमति सेतु निगम को प्रदान कराई जाए। बैठक में उदित नारायण खरवार, प्रभुनाथ खरवार, सुधरी देवी, हरिशंकर गोंड़, रामविलास दुबे, रामदुलारे गोंड़, शंकर भारती, राजाराम भारती, अकमानी देवी, बृजेश पांडेय, सत्यनारायण, दयाराम, दीनानाथ शर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन शमीम अख्तर खान ने किया। (ब्यूरो)
विज्ञापन