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वेतन भुगतान लिए श्रमिक बैठे अनिश्चित कालीन धरने पर
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सिंगरौली। भाजपा के कार्यकर्ताओं एवं खड़िया में काम करा चुकी एक ओबी कंपनी के श्रमिकों ने वेतन भुगतान सहित पांच सूत्रीय मांग को लेकर बृहस्पतिवार से एनसीएल मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है।
मंडल अध्यक्ष प्रवीण तिवारी ने कहा कि एनसीएल प्रबंधन की लापरवाही के कारण श्रमिकों को अपने मेहनत की मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है। एनसीएल के खड़िया परियोजना में ओबी हटाने वाली निजी कंपनी मोंटी कार्लो के मजदूरों का कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। कहा कि सितंबर 2018 से लागू हुआ बढ़ा वेतन का डिफरेंस भुगतान एरियर के रूप में दिया जाए। बोनस 8.33 की दर से भुगतान किया जाए। कार्य प्रारंभ होने तथा समाप्त होने तक ग्रेच्युटी एवं अवकाश का भुगतान किया जाए। कार्य समाप्त होने तक मजदूरों को कार्य मुक्त लाभ दिया जाए। जैसे सद्भावा इंजीनियरिंग लिमिटेड अमलोरी परिजनों में दिया गया था। साथ ही उपरोक्त सभी मांगों का भुगतान जब तक नहीं किया जा रहा है, तब तक कंपनी को कोई भी मशीनरी न ले जाने दिया जाए।कहा कि एनसीएल प्रबंधन को पूर्व में ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी परन्तु समयवधि बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने कोई कोई कार्रवाई नहीं की। मंडल महामंत्री विनोद सिंह कुरुवंशी ने कहा कि मजदूरों के साथ एनसीएल खदानों में कार्य कर रही ओबी कंपनियां शोषण कर रही हैं। शोषण जब तक बंद नहीं होगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं एनसीएल के जीएम यू पी नारायण ने बताया कि खडिय़ा परियोजना में मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। सभी श्रमिकों का जिनका बकाया उन्हें भुगतान किया जाएगा।
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मंडल अध्यक्ष प्रवीण तिवारी ने कहा कि एनसीएल प्रबंधन की लापरवाही के कारण श्रमिकों को अपने मेहनत की मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है। एनसीएल के खड़िया परियोजना में ओबी हटाने वाली निजी कंपनी मोंटी कार्लो के मजदूरों का कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। कहा कि सितंबर 2018 से लागू हुआ बढ़ा वेतन का डिफरेंस भुगतान एरियर के रूप में दिया जाए। बोनस 8.33 की दर से भुगतान किया जाए। कार्य प्रारंभ होने तथा समाप्त होने तक ग्रेच्युटी एवं अवकाश का भुगतान किया जाए। कार्य समाप्त होने तक मजदूरों को कार्य मुक्त लाभ दिया जाए। जैसे सद्भावा इंजीनियरिंग लिमिटेड अमलोरी परिजनों में दिया गया था। साथ ही उपरोक्त सभी मांगों का भुगतान जब तक नहीं किया जा रहा है, तब तक कंपनी को कोई भी मशीनरी न ले जाने दिया जाए।कहा कि एनसीएल प्रबंधन को पूर्व में ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी परन्तु समयवधि बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने कोई कोई कार्रवाई नहीं की। मंडल महामंत्री विनोद सिंह कुरुवंशी ने कहा कि मजदूरों के साथ एनसीएल खदानों में कार्य कर रही ओबी कंपनियां शोषण कर रही हैं। शोषण जब तक बंद नहीं होगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं एनसीएल के जीएम यू पी नारायण ने बताया कि खडिय़ा परियोजना में मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। सभी श्रमिकों का जिनका बकाया उन्हें भुगतान किया जाएगा।
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