{"_id":"5be087cebdec22696f0090ac","slug":"61541441486-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय कोयला उद्योग की विकास दर हुई तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय कोयला उद्योग की विकास दर हुई तेज
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिंगरौली: एनसीएल में सतर्कता जागरुकता सप्ताह का समापन कंपनी मुख्यालय के अधिकारी मनोरंजन गृह सभागार में विविध कार्यक्रमों के साथ किया गया।
समापन समारोह में कंपनी के मुख्य सतर्कता अधिकारी सीवीओ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना प्रोद्योगिकी आईटी के इस दौर में एक व्यक्ति भी बदलाव की कहानी लिख सकता है। तत्पश्चात कंपनी की गृह पत्रिका एनसीएल पैनोरमा के सतर्कता विशेषांक का विमोचन किया गया। इसके पश्चात कंपनी में पारदर्शिता एवं कार्यशैली की बेहतरी के लिए आईटी के इस्तेमाल कोल नेट ई. ऑफिस सीसीटीवी जीपीएस आधारित वीइकल ट्रैकिंग सिस्टम सहित विभिन्न पहलुओं की व्यापक जानकारी दी गई। कंपनी के सीएमडी पी के सिन्हा ने कहा कि हालिया वर्षों में भारतीय कोयला उद्योग की विकास दर काफी तेज रही है और इसका सबसे बड़ा कारण इस दौरान कामकाज में सूचना प्रौद्योगिकी आईटी का दखल रहा है जो पारदर्शिता की बुनियाद है। पूर्व कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने दार्शनिक लहजे में कहा कि अपनी अपेक्षाओं को सीमित रखना और दूसरों को दुखी न करने की भावना हमारी जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए। कंपनी की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में भी सतर्कता जागरुकता सप्ताह का भव्य समापन किया गया। कार्यक्रम में निदेशक तकनीकी संचालन गुणाधर पांडेय, निदेशक वित्त पी एसआर के शास्त्री आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
समापन समारोह में कंपनी के मुख्य सतर्कता अधिकारी सीवीओ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना प्रोद्योगिकी आईटी के इस दौर में एक व्यक्ति भी बदलाव की कहानी लिख सकता है। तत्पश्चात कंपनी की गृह पत्रिका एनसीएल पैनोरमा के सतर्कता विशेषांक का विमोचन किया गया। इसके पश्चात कंपनी में पारदर्शिता एवं कार्यशैली की बेहतरी के लिए आईटी के इस्तेमाल कोल नेट ई. ऑफिस सीसीटीवी जीपीएस आधारित वीइकल ट्रैकिंग सिस्टम सहित विभिन्न पहलुओं की व्यापक जानकारी दी गई। कंपनी के सीएमडी पी के सिन्हा ने कहा कि हालिया वर्षों में भारतीय कोयला उद्योग की विकास दर काफी तेज रही है और इसका सबसे बड़ा कारण इस दौरान कामकाज में सूचना प्रौद्योगिकी आईटी का दखल रहा है जो पारदर्शिता की बुनियाद है। पूर्व कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने दार्शनिक लहजे में कहा कि अपनी अपेक्षाओं को सीमित रखना और दूसरों को दुखी न करने की भावना हमारी जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए। कंपनी की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में भी सतर्कता जागरुकता सप्ताह का भव्य समापन किया गया। कार्यक्रम में निदेशक तकनीकी संचालन गुणाधर पांडेय, निदेशक वित्त पी एसआर के शास्त्री आदि मौजूद थे।