{"_id":"5a8ef89b4f1c1bb2208baae2","slug":"61519319195-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों से वार्ता विफल, तीसरे दिन आमरण अनशन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों से वार्ता विफल, तीसरे दिन आमरण अनशन जारी
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओबरा (सोनभद्र)। परियोजना गेट पर मजदूरों के चल रहे आमरण अनशन स्थल पर गुरुवार को परियोजना के महाप्रबंधक प्रशासन वार्ता करने के लिए पहुंचे, लेकिन यहां मजदूरों से मांगों पर सहमति न बन पाने से वार्ता विफल हो गई। उधर, अनशनरत दो मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण में चिकित्सकों ने गिरावट दर्ज की है। बावजूद इसके लगातार तीसरे दिन भी राजपाल गौतम, शंकर, रामनरेश गोंड, घनश्याम दास पांडेय, रविंदर यादव अनशन पर बैठे थे।
राष्ट्रीय मजदूर संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने बताया कि मजदूरों की मांगों को परियोजना प्रबंधन की ओर से जान बूझकर अनदेखी की जा रही है। इसके कारण कर्मचारियों को आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होना पड़ा है। बताया कि परियोजना मजदूरों की मांगों के लिए राजपाल गौतम, शंकर, रामनरेश गोंड, घनश्याम दास पांडेय, रविंदर यादव ने परियोजना गेट पर सोमवार से अनशन शुरू किया है। बताया कि आज दोपहर बाद परियोजना के महाप्रबंधक संगठन की मांगों को सुनने के लिए आए थे, लेकिन मजदूरों एवं उनके बीच की वार्ता विफल रही है। ऐसे में मजदूरों को अनशन के लिए बाध्य होना पड़ा है। परियोजना प्रशासन अनशनकारियों की जायज मांगों पर पहल करने की बजाय उन्हें हतोत्साहित कर रहा है। छोटू तिवारी ने कहा कि जल्द मांगों को परियोजना के जिम्मेदार नहीं मानते हैं तो 24 फरवरी को अनशनकारी परियोजना गेट को जाम कर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। महामंत्री नागेंद्र प्रताप चौहान ने कहा कि 41 संविदा श्रमिकों के समायोजन एवं वेतन भुगतान पर निराशाजनक स्थिति बनाकर हाथ खड़े करने का षड्यंत्र परियोजना प्रशासन कर रहा है। इस बीच अनशनकारियों के शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उनकी स्थिति चिंताजनक बताई। वार्ता के दौरान थाना प्रभारी ओबरा अभय प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता इं. आरके सिंह, अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा, वीएचपी के विशाल गुप्ता, गोपाल यादव, जय शुक्ला, प्रेम प्रकाश चौबे, जयशंकर पाठक, दीनानाथ चंद्रवंशी, सुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, भारत पांडेय, मुलायम यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय मजदूर संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने बताया कि मजदूरों की मांगों को परियोजना प्रबंधन की ओर से जान बूझकर अनदेखी की जा रही है। इसके कारण कर्मचारियों को आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होना पड़ा है। बताया कि परियोजना मजदूरों की मांगों के लिए राजपाल गौतम, शंकर, रामनरेश गोंड, घनश्याम दास पांडेय, रविंदर यादव ने परियोजना गेट पर सोमवार से अनशन शुरू किया है। बताया कि आज दोपहर बाद परियोजना के महाप्रबंधक संगठन की मांगों को सुनने के लिए आए थे, लेकिन मजदूरों एवं उनके बीच की वार्ता विफल रही है। ऐसे में मजदूरों को अनशन के लिए बाध्य होना पड़ा है। परियोजना प्रशासन अनशनकारियों की जायज मांगों पर पहल करने की बजाय उन्हें हतोत्साहित कर रहा है। छोटू तिवारी ने कहा कि जल्द मांगों को परियोजना के जिम्मेदार नहीं मानते हैं तो 24 फरवरी को अनशनकारी परियोजना गेट को जाम कर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। महामंत्री नागेंद्र प्रताप चौहान ने कहा कि 41 संविदा श्रमिकों के समायोजन एवं वेतन भुगतान पर निराशाजनक स्थिति बनाकर हाथ खड़े करने का षड्यंत्र परियोजना प्रशासन कर रहा है। इस बीच अनशनकारियों के शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उनकी स्थिति चिंताजनक बताई। वार्ता के दौरान थाना प्रभारी ओबरा अभय प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता इं. आरके सिंह, अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा, वीएचपी के विशाल गुप्ता, गोपाल यादव, जय शुक्ला, प्रेम प्रकाश चौबे, जयशंकर पाठक, दीनानाथ चंद्रवंशी, सुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, भारत पांडेय, मुलायम यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन