{"_id":"5a20372d4f1c1ba7668b7578","slug":"61512060717-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिसीमन के खेल में विकास हो गया फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिसीमन के खेल में विकास हो गया फेल
Updated Thu, 30 Nov 2017 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेणुकूट। नगर पंचायत रेणुकूट के परिसीमन के खेल में यहां का विकास फेल हो गया है। इसकी मुख्य वजह इस नगर पंचायत का क्षेत्र महज रेलवे ट्रैक के इर्दगिर्द होना है। हर बार परिसीमन बढ़ाए जाने की मांग होती आई है। नगर का विकास ठहरे हुए पानी की तरह हो गया है। ऐसे में नये चेयरमैन से जनता को ढेर उम्मीदें हैं।
रेणुकूट की असल में आबादी 80 हजार से अधिक है लेकिन नगर पंचायत में महज पांच फीसद लोग ही आते हैं। रेलवे ट्रैक के आसपास आबाद नगर पंचायत क्षेत्र में कुछ काम हुए हैं। नगर पंचायत क्षेत्र में सकरी सड़कें लोगों को दर्द दे रही है। इन सड़कों चार पहिया वाहन नहीं जा सकते। यहां की सबसे बड़ी समस्या नगर पंचायत क्षेत्र का विस्तार न होना है। अर्से से 95 फीसद जनता इसके विस्तारीकरण की मांग करती आ रही है ताकि उनका विकास हो सके। नगर पंचायत क्षेत्र का विस्तार न होने से लोगों को जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र तक नहीं मिलता। उनकी गलियों व सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। साफ सफाई का भी इंतजाम नहीं है। नपं क्षेत्र के बाहर रहने वालों का कहना है कि छोटे से नपं में प्रतिमाह 27 लाख रुपये का बजट बहुत अधिक है। इस नपं में महज दो किमी लंबी सड़क है, बावजूद उसकी सफाई नहीं हो पाती और जगह-जगह अंधेरा ही पसरा रहता है। यदि उन्हें भी नपं में शामिल कर लिया जाए तो इतने धन में बेहतर विकास तो होगा ही, उसका दायरा भी बढ़ जाएगा।
नए अध्यक्ष को चुनौती
नगर पंचायत रेणुकूट में नए अध्यक्ष से लोगों ने काफी उम्मीद लगा रखी है। नगर पंचायत में रहने वाले लोग विकास की दरकार है तो इससे सटे क्षेत्र के लोग नपं में शामिल कर विकास कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेणुकूट की असल में आबादी 80 हजार से अधिक है लेकिन नगर पंचायत में महज पांच फीसद लोग ही आते हैं। रेलवे ट्रैक के आसपास आबाद नगर पंचायत क्षेत्र में कुछ काम हुए हैं। नगर पंचायत क्षेत्र में सकरी सड़कें लोगों को दर्द दे रही है। इन सड़कों चार पहिया वाहन नहीं जा सकते। यहां की सबसे बड़ी समस्या नगर पंचायत क्षेत्र का विस्तार न होना है। अर्से से 95 फीसद जनता इसके विस्तारीकरण की मांग करती आ रही है ताकि उनका विकास हो सके। नगर पंचायत क्षेत्र का विस्तार न होने से लोगों को जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र तक नहीं मिलता। उनकी गलियों व सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। साफ सफाई का भी इंतजाम नहीं है। नपं क्षेत्र के बाहर रहने वालों का कहना है कि छोटे से नपं में प्रतिमाह 27 लाख रुपये का बजट बहुत अधिक है। इस नपं में महज दो किमी लंबी सड़क है, बावजूद उसकी सफाई नहीं हो पाती और जगह-जगह अंधेरा ही पसरा रहता है। यदि उन्हें भी नपं में शामिल कर लिया जाए तो इतने धन में बेहतर विकास तो होगा ही, उसका दायरा भी बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
नए अध्यक्ष को चुनौती
नगर पंचायत रेणुकूट में नए अध्यक्ष से लोगों ने काफी उम्मीद लगा रखी है। नगर पंचायत में रहने वाले लोग विकास की दरकार है तो इससे सटे क्षेत्र के लोग नपं में शामिल कर विकास कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन