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सांतवीं इकाई से उत्पादन शुरू, दो मेगावाट इजाफा
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:54 PM IST
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सोनभद्र (अनपरा) । करीब डेढ़ माह से बंद चल रही पांच सौ मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई से सोमवार को उत्पादन शुरू हो गया। अभी लगभग 200 मेगावाट ही इस इकाई से उत्पादन लिया जा रहा है। धीरे-धीरे इस इकाई पर लोड देकर उत्पादन को बढ़ाए जाने की बात बताई गई है। इसके उत्पादन पर आने से दीपावली पर होने वाली बिजली किल्लत से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
अनपरा तापीय परियोजना की पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई से सोमवार की तड़के साढ़े चार बजे उत्पादन शुरू हो गया। हालांकि इस इकाई पर लोड डालने की बजाये पहले अनुरक्षण के बाद पहले दिन लगभग दो सौ मेगावाट ही बिजली उत्पादन किया जा रहा था। डेढ़ माह से बंद चल रही इस इकाई के उत्पादन पर आने से परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बता दें कि लगभग डेढ़ माह पूर्व यह इकाई ट्रिप कर गई थी। जिसके बाद इसके अनुरक्षण का कार्य शुरू हुआ था। आरोप लगा कि कुछ अप्रशिक्षित लोगों से अनुरक्षण कार्य कराए जाने से इकाई की कुछ मशीनों में भारी गड़बड़ी आ गई थी। जिससे परियोजना प्रशासन को लाखों की क्षति उठानी पड़ी थी। इसमें दो इंजीनियरों के खिलाफ जांच भी बैठाई गई थी। इस इकाई के दीपावली से पहले उत्पादनरत होने से परियोजना प्रशासन ही नहीं उत्पादन निगम के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। दीपावली से पहले इस परियोजना से शत प्रतिशत उत्पादन लेने की कोशिश की जा रही है ताकि बिजली किल्लत से निपटा जा सके।
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अनपरा तापीय परियोजना की पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई से सोमवार की तड़के साढ़े चार बजे उत्पादन शुरू हो गया। हालांकि इस इकाई पर लोड डालने की बजाये पहले अनुरक्षण के बाद पहले दिन लगभग दो सौ मेगावाट ही बिजली उत्पादन किया जा रहा था। डेढ़ माह से बंद चल रही इस इकाई के उत्पादन पर आने से परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बता दें कि लगभग डेढ़ माह पूर्व यह इकाई ट्रिप कर गई थी। जिसके बाद इसके अनुरक्षण का कार्य शुरू हुआ था। आरोप लगा कि कुछ अप्रशिक्षित लोगों से अनुरक्षण कार्य कराए जाने से इकाई की कुछ मशीनों में भारी गड़बड़ी आ गई थी। जिससे परियोजना प्रशासन को लाखों की क्षति उठानी पड़ी थी। इसमें दो इंजीनियरों के खिलाफ जांच भी बैठाई गई थी। इस इकाई के दीपावली से पहले उत्पादनरत होने से परियोजना प्रशासन ही नहीं उत्पादन निगम के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। दीपावली से पहले इस परियोजना से शत प्रतिशत उत्पादन लेने की कोशिश की जा रही है ताकि बिजली किल्लत से निपटा जा सके।
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