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अब हेल्थ स्क्रीनिंग का फर्जीवाड़ा रोकेगा एप्प
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सोनभद्र। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरबीएसके टीम द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। लेकिन कई आरबीएसके टीम (स्कूल हेल्थ टीम) द्वारा हेल्थ स्क्रीनिंग के नाम पर फर्जी रिपोर्ट बनाकर विभागीय अधिकारियों को देती है। विभाग ने इसे रोकने के उद्देश्य से आरबीएसके एप्प लांच किया है। अब समस्त आरबीएसके टीमें जिन आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य करेंगी उसकी फोटो एप पर अपलोड करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी, बभनी, म्योरपुर, चोपन, चतरा और नगवां ब्लॉक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो-दो आरबीएसके टीमें बनाई गई है। प्रत्येक टीम में एक-एक डॉक्टर, तीन-तीन पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए है। टीमों को अपने क्षेत्र के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में साल में दो बार कैंप लगाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। जांच के दौरान अगर कोई बच्चा बीमार पाया जाता है तो उसका उपचार भी करते हैं। गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नजदीकी जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए भेजना हेाता है। लेकिन कई टीमें दफ्तर में ही बैठ कर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दे रही है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा अब आरबीएसके टीम (स्कूल हेल्थ टीम) जिन स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी उसकी फोटो आरबीएसके एप पर अपलोड करेंगी। इसकी मानिटरिंग एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल करेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी, बभनी, म्योरपुर, चोपन, चतरा और नगवां ब्लॉक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो-दो आरबीएसके टीमें बनाई गई है। प्रत्येक टीम में एक-एक डॉक्टर, तीन-तीन पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए है। टीमों को अपने क्षेत्र के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में साल में दो बार कैंप लगाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। जांच के दौरान अगर कोई बच्चा बीमार पाया जाता है तो उसका उपचार भी करते हैं। गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नजदीकी जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए भेजना हेाता है। लेकिन कई टीमें दफ्तर में ही बैठ कर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दे रही है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा अब आरबीएसके टीम (स्कूल हेल्थ टीम) जिन स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी उसकी फोटो आरबीएसके एप पर अपलोड करेंगी। इसकी मानिटरिंग एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल करेंगे।
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